रमजार का महीना अब खत्म होने वाला है. अगर आज गुरुवार की रात चांद दिख जाता है तो 15 जून यानी कि कल ईद मनाई जाएगी. ईद से पहले बाजार पूरी तरह सच चुके हैं. आज लोग अपने 29वें रोजे के साथ चांद का इंतजार कर रहे हैं. अगर आज चांद का दीदार हो जाता है तो कल शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे ईद मुबारक की नमाज मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की इमारत में अदा की जाएगी. Also Read - ईद से पहले जम्मू-कश्मीर में हालात शांतिपूर्ण, लोगों की मदद के लिए मजिस्ट्रेट तैनात

बता दें कि साल 2018 में रमजान का पहला रोजा 17 मई से शुरू हुआ था, जो कि 15 या 16 जून 2018 तक रखा जाएगा. चांद की तस्दीक पर ईद की तारीख निर्भर करती है. ईद के मौके पर औरतों के नमाज के लिए अलग से व्यवस्था होगी. Also Read - Bakrid 2019: बकरीद के चांद के हुए दीदार, 12 अगस्त को मनेगी ईद उल अजहा

Ramadan 2018: रमजान में भूलकर भी ना करें ये 5 काम, जानें Also Read - Bharat Box Office Collection Day 1: सलमान खान की 'भारत' की धमाकेदार ओपनिंग, इतने कमाए

रमजान के महीने में मुस्लिम समाज के लोग 29 से 30 दिनों तक रोजा रखते हैं. सुबह सूर्य उगने से पहले सहरी खाते हैं और सूर्य ढलने के बाद इफ्तार खाते हैं. इस बीच वह ना तो कुछ खा सकते हैं और ना ही कुछ पी सकते हैं. दिन का पहला आहार लेने के बाद सुबह-सुबह नमाज पढ़ी जाती है.

आम दिनों में अल्लाह की इबादत से दूर रहने वाला शख्स भी रमजान में इबादतगुजार बन जाता है. इस महीने मेंं अबादतगुजार को सब्र, मानवता और खुशियों का सही अर्थ पता चलता है. रोजा का मतलब बंदिश (मनाही), सिर्फ खाने पीने की बंदिश नहीं है बल्कि हर उस बुराई से दूर रहने की बंदिश है जो इस्लाम में मना है.