Eid Al-Adha 2020: देश में ईद उल-अजहा यानी बकरीद का त्यौहार 1 अगस्त को मनाया जाएगा. इसका ऐलान हो गया था. आज चाँद देखा गया, लेकिन चाँद नहीं दिखने पर दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने तारीख का एलान कर दिया है. बता दें कि ईद उल-अजहा किस दिन मनाया जाएगा, इसका फैसला जिल हिज्ज के चाँद के मुताबिक होता है. Also Read - तमिलनाडु: सार्वजनिक स्थानों पर भगवान गणेश मूर्तियों की स्थापना की अनुमति नहीं, ये है वजह

इमारत ए शरिया हिंद की रूयत ए हिलाल समिति के सचिव मुईजुद्दीन अहमद ने एक बयान में कहा, ‘दिल्ली में चांद नहीं दिखा है न ही देश के किसी हिस्से से चांद नजर आने की कोई खबर है.’ अहमद ने कहा, ‘ इस्लामी कलैंडर के 12वें महीने ज़िल हिज्जा की पहली तारीख 23 जुलाई को होगी और ईद उल अज़हा एक अगस्त को मनाई जाएगी.’ बकरीद का त्यौहार चांद दिखने के 10वें दिन मनाया जाता है. इस बीच मुफ्ती मुकर्रम ने कहा , ‘मुस्लिम समुदाय के जिन लोगों के पास करीब 612 ग्राम चांदी है या इसके बराबर के पैसे हैं, उन पर कुर्बानी वाजिब है.’ Also Read - कोरोना से दिल्ली में अब तक डेढ़ लाख संक्रमित, मृतकों का आंकड़ा 4 हज़ार पार

मौलाना मुकर्रम ने कहा, ‘यह जरूरी नहीं है कि कुर्बानी अपने घर या शहर में ही की जाए. जहां लॉकडाउन लगा है, वहां के लोग अन्य स्थानों पर रहने वाले अपने परिचितों या रिश्तेदारों को कुर्बानी करने के लिए पैसे भेज सकते हैं.’ Also Read - दिल दहलाने वाली शर्मनाक घटना: कोरोना मरीज के शव की ऐसी दुर्दशा, जानकर सिहर जाएंगे आप

ईद उल-जुहा मुस्लिमों का प्रमुख त्यौहार है. कोरोना संकट को देखते हुए ईद की तरह बकरीद (Bakrid 2020) को ईदगाह में नमाज़ अदा नहीं की जाएगी, इसकी पूरी संभावना है. पूरे देश में कोरोना को देखते हुए धार्मिक स्थल सीमित स्तर पर खोले गए हैं. किसी भी तरह से भीड़ एकत्रित होने की अनुमति नहीं है. न ही किसी तरह के धार्मिक कार्यक्रम की अनुमति है, जहाँ भीड़ हो सके.

कोरोना के चलते ईद की नमाज़ भी मस्जिदों और ईदगाह में पढ़ी गई थी. कोरोना का ख़तरा अभी कम नहीं हुआ है. ऐसे में ईद उल-अजहा का रंग भी फीका ही रहेगा. हालाँकि ईद के दौरान पूरी तरह से लॉकडाउन था. लोग घरों से भी बाहर नहीं निकल सकते थे, लेकिन ईद उल-अजहा के मौके पर कम से कम पूरी तरह से लॉकडाउन नहीं है.