Eid al-Fitr 2018: आज रमजान महीने का 29वां रोजा है. आमतौर पर 29वां या 30वां रोजा आखिरी रोजा होता है. इसके साथ ही रमजान का महीना खत्म हो जाता है और ईद आ जाती है. अगर आज चांद का दीदार होता है तो शुक्रवार को ईद उल फितर यानी ईद मनाई जाएगी. आज यदि चांद दिख जाता है तो इस साल ईद उल फितर 15 जून को मनाई जाएगी. लेकिन ज्यादातर मुस्लिम देशों में यह संभावना जताई जा रही है कि आज चांद नहीं दिखेगा और 16 जून को ईद उल फितर मनाया जाएगा.

ईद उल फितर शव्वाल महीने का पहला दिन होता है. यानी ईद उल फितर के साथ ही शव्वाल महीने की शुरुआत होती है. इस्लामिक कैलेंंडर के अनुसार तारीख अलग-अलग हो सकती है. क्योंकि नया चांद देखने के बाद इसे तय किया जाता है.

Eid mubarak 2018 : आज दिखेगा ईद मुबारक का चांद, कल होगी ईद

चांद दिखने के बाद ईद के दिन लोग एक दूसरे से गले मिलते हैं और एक दूसरे को मुबारकबाद देते हैं. बच्चों को ईदी ‘Eidi’ दी जाती है. ईदी के रूप में कुछ बच्चों को बड़ों से पैसे मिलते हैं तो कुछ को शानदार गिफ्ट. ईद उल फितर के दिन मिठी खीर बनाई जाती है. इसे मिठी ईद भी कहते हैं.

यह भी है परंपरा

ईद उल फितर या ईद के दिन नमाज पढ़ने से पहले हर व्यक्ति को फितरा देना होता है. इसे मुसलमानों के लिए फर्ज माना जाता है. फितरा दरअसल, अनाज का दान होता है, जो गरीबों और जरूरतमंद को दिया जाता है. इसके तहत पौने दो किलो अनाज या उसकी कीमत गरीबों को दी जाती है. इसका मकसद यह है कि गरीब भी ईद की खुशी मना सकें.

ईद की नमाज किसी खुले क्षेत्र में ही पढ़ी जाती है, जैसे कि कोई मैदान हो या कम्यूनिटी सेंटर या मस्जिद में. नमाज पढ़ने के बाद लोग अल्लाह से माफी, रहम, शांति और दुआ मांगते हैं. इसके बाद वह अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के घर जाते हैं और उन्हें मुबारकबाद देते हैं.

Eid-al-Fitr पर क्या बनता है
मुस्लिम परिवारों में आज के दिन बिरयानी, हलीम, नल्ली निहारी, सेवइय्या, मटन कलेजी और कई तरह के कबाब बनाए जाते हैं. सभी महिलाएं अपने पसंद के नये कपड़े पहनती हैं और पुरुष आमतौर पर कुर्ता पैजामा पहनते हैं.

ईद मुबारक!