Eid al-Fitr 2019: रमजान के मुकद्दस महीने के आखिरी दिन ईद का त्योहार मनाया जाता है. इस बार ईद 5 या 6 जून को मनाई जाएगी. रमजान का चांद दिखने के साथ ही पूरी दुनिया के मुसलमान हर्ष और उल्लास के साथ ईद का त्योहार मनाएंगे. सद्भाव और भाईचारे का यह त्योहार भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया में मनाया जाता है. ईद-उल-फितर के मौके पर लोग एक-दूसरे को गले लगकर बधाई देते हैं. इस अवसर पर घर में बनने वाली सेवइयां और मीठे पकवान, ईद के मुकद्दस मौके को और भी शानदार बना देती है. इस्लाम धर्म के जानकारों के अनुसार ईद का त्योहार नया चांद दिखने के अगले दिन शुरू होने वाले शव्वाल के महीने के पहले दिन मनाया जाता है. Also Read - Eid-ul-Fitr 2021 Eid Mubarak Shayari: ईद पर भेजें हिंदी-उर्दू में ये खास शायरी, इस अंदाज में कहें ईद मुबारक...

इस मौके पर लोग एक-दूसरे को ईद मुबारक का संदेश भेजते हैं. डिजिटल युग में ईद के मैसेज भेजने के लिए आजकल वाट्सएप या एसएमएस का भी खूब इस्तेमाल होने लगा है. अगर आपने अभी तक अपने रिश्तेदारों, परिचितों या दोस्तों को ईद मुबारक का मैसेज नहीं भेजा है, तो कोई बात नहीं. हम आपके लिए लाए हैं ईद मुबारक के कुछ चुनिंदा संदेश. इन संदेशों को आप अपने दोस्तों या रिश्तेदारों को भेजकर उन्हें ईद मुबारक कह सकते हैं. Also Read - Corona Vaccine Lagwane se Kya Roza Toot Jayega: रमजान में कोरोना वैक्सीन लगवाना सही होगा या नहीं, मुस्लिम धर्मगुरुओं का इस पर अहम फतवा, जानें

ईद को लेकर मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने एक गजल में कुछ यूं लिखा है, Also Read - नेशनल कॉन्फ्रेंस का दावा- फारूक अब्दुल्ला को नमाज पढ़ने के लिए घर से बाहर जाने से रोका गया

गले लगाएं करें प्यार तुम को ईद के दिन
इधर तो आओ मिरे गुल-एज़ार ईद के दिन

आबरू शाह मुबारक ने ईद के पावन त्योहार के लिए लिखा है

आज यारों को मुबारक हो कि सुब्ह-ए-ईद है
राग है मय है चमन है दिलरुबा है दीद है

मोहम्मद असदुल्लाह ने ईद के त्योहार पर अपनी कलम कुछ यूं चलाई है

महक उठी है फ़ज़ा पैरहन की ख़ुशबू से
चमन दिलों का खिलाने को ईद आई है

ईद के पावन त्योहार पर आप अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को ये मैसेज भी भेज सकते हैं.

रमजान के पावन महीने के आखिरी दिन जब इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग चांद का दीदार करते हैं, उसके अगले दिन ईद मनाई जाती है. इससे पहले लगभग एक महीने तक दुनियाभर के मुसलमान रोजा यानी व्रत रखते हैं. अल्लाह-तआला की इबादत करने वालों के लिए रोजा रखना पवित्र माना गया है. एक महीने तक रोजा रखने के बाद ईद का मुकद्दस दिन आता है.

ईद के मौके पर घरों में खुशनुमा माहौल होता है. बच्चे, बूढ़े और जवान, सभी आयुवर्गों के लोग एक-दूसरे को ईद की बधाइयां देते हैं.