Shanidev: शनिदेव को सबसे क्रूर ग्रहों में से एक माना जाता है. यही कारण है कि शनिदेव का नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं. उनकी साढ़ेसाती या ढैया शुरू होने की बात से ही लोग कांपने लगते हैं.

अगर आपकी राशि में शनिदेव की साढ़ेसाती या ढैया चल रही है या शुरू हुई है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए. सबसे पहले तो ये जान लीजिए कि शनिदेव के दिन शनिवार को कौन सी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए.

– शनिवार के दिन दूध या दही खाना है तो इसमें हल्दी या गुड़ मिलाकर खाएं-पीएं. सादा नहीं खाना चाहिए.

– खट्टी चीजें ना खाएं. अचार खाने से बचें. शनिदेव को कसैली चीजें भी पसंद नहीं हैं.

– शन‌िवार को चना, उड़द, मूंग खा सकते हैं. मसूर दाल ना खाएं.

– इस दिन शराब से दूर रहें.

– इस दिन सरसों का तेल खाने से भी बचना चाहिए. शनिवार को शनिदेव को तेल अर्पित करें. तेल का दीया जलाएं.

शनिवार को क्‍या करें

बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करें. सिद्ध शनि यंत्र का सरसों के तेल से अभिषेक करें. यथाशक्ति गरीबों की सेवा करें. शमी के पेड़ की, शमी की लकड़ी का पूजन करें. बंदरों को गुड़-चना खिलाएं.

शनिवार को पीपल के वृक्ष के चारों ओर सात बार कच्चा सूत लपेटें. इस दौरान शनि मंत्र का जाप करें. इसे करने से साढ़ेसाती की सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी. शनिदेव की साढ़ेसाती के सभी प्रतिकूल प्रभावों को रोकने के लिए काले गाय की पूजा करें. गाय के माथे पर तिलक लगाकर उसके सींग पर धागा बांधे.

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