Ganesh Chaturthi 2018: भादो मास के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि भगवान गणेश का इसी दिन जन्म हुआ था. भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को सोमवार के दिन मध्याह्न काल में, स्वाति नक्षत्र और सिंह लग्न में हुआ था. इसलिए मध्याह्न काल में ही भगवान गणेश की पूजा की जाती है, इसे बेहद शुभ समय माना जाता है. Also Read - हिना खान बॉयफ्रेंड संग पहुंचीं लालबाग के राजा के दरबार, गणपति बप्पा का लिया आशीर्वाद, देखें तस्वीरें

ज्योर्तिविद पंडित विनोद मिश्र के अनुसार गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी या सिद्धीविनायक चतुर्थी भी कहा जाता है. कुछ जगहों पर इसे पत्तर चौथ और कलंक चतुर्थी भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन चंद्र दर्शन नहीं किया जाता. मान्यता है कि चंद्र दर्शन करने से इस दिन कलंक लगता है. लोक परंपरा के अनुसार इसे झंडा चौथ भी कहा जाता है. Also Read - भगवान गणेश को भक्तों से मिल रहे बोरे भर के पत्र, जानें लोग क्‍या मांग रहे हैं?

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इस बार गणेश चतुर्थी 13 सितंबर को मनाई जाएगी. यहां नीचे गणेश पूजन का मुहूर्त बता रहे हैं. साथ में उस समय के बारे में भी बताया जा रहा है, जिसमें चंद्र दर्शन नहीं करना है.

गणेश चतुर्थी मुहूर्त: 

चतुर्थी कब से शुरू हो रही है: बुधवार 12 सितंबर को शाम 4:07 बजे के बाद चतुर्थी लग जाएगी.

चतुर्थी कब तक रहेगी: गुरुवार 13 सितंबर को दोपहर 2:51 बजे तक चतुर्थी रहेगी.

गणेश पूजन के लिए मध्याह्न मुहूर्त: गुरुवार 13 सितंबर को सुबह 11:02:34 से 13:31:28 तक पूजन का शुभ मुहूर्त है.

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पूजन के लिए शुभ अवधि : 2 घंटे 28 मिनट

राहू काल: 13 सितंबर को 1:30 से 3:00 बजे तक राहू काल रहेगा, इसमें पूजा नहीं होगी. राहूकाल से पहले-पहले पूजन करें.

चन्द्र दर्शन नहीं करने का समय: 12 सितंबर 2018 को  16:08:43 से 20:32:00 तक

चन्द्र दर्शन नहीं करने का समय : 13 सितंबर 2018 को 09:31:59 से 21:11:00 तक

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