Ganesh Chaturthi 2019: गणेश चतुर्थी का पर्व बेहद खास होता है. इसे भगवान गणेश का जन्‍मदिवस माना जाता है.

पर क्‍या आप जानते हैं कि इस चतुर्थी को कलंक चतुर्थी भी कहा जाता है. इस रात चांद देखने की मनाही होती है. मान्‍यता है कि जो भी इस रात चांद देखता है उस पर कलंक लगता है.

क्‍या है मान्‍यता
ऐसी मान्यता है कि गणेश चतुर्थी के दिन चांद बेहद खूबसूरत नजर आता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन गणेश भगवान ने चांद को यह श्राप दिया कि जो भी इस दिन चांद का दीदार करेगा उसे कलंक लगेगा.

गणेश पुराण कथा
गणेश पुराण के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण ने भी शुक्ल पक्ष की चतुर्थी की रात चांद को देखा था. वे भी इस श्राप से बच नहीं सके. उन पर कुछ दिन बाद ही हत्या का झूठा आरोप लगा था. बाद में नारद मुनि ने श्रीकृष्ण को बताया कि ये कलंक उन पर इसलिए लगा क्योंकि उन्होंने चतुर्थी के चांद को देखा था.

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क्‍या है कथा
गणेश पुराण में वर्णित कथा के अनुसार, गणेश जी के सूंड वाले मुख को देखकर एक बार चांद को हंसी आ गयी. इससे गणेश जी नाराज हो गए. उन्होंने चांद से कहा, ‘तुम्हे अपनी खूबसूरती पर बहुत गुरुर है. मैं तुम्हे श्राप देता हूं कि आज के दिन तुम्हें जो भी देखेगा उसे कलंक लगेगा. तब से लेकर आज तक गणेश चतुर्थी के दिन चांद को देखने से मना किया जाता है’.

गणेश जी के श्राप को सुनकर चन्द्रमा को अपनी गलती का एहसास हुआ और वे दुखी मन के साथ घर में जाकर छिपकर बैठ गये. बाद में सभी देवताओं ने चन्द्रमा को मनाया और उन्हें समझाया कि वे मोदक और पकवान बनाकर गणेश जी की पूजा अर्चना करें जिससे वे खुश हो जाएंगे.

बाद में चन्द्रमा में ऐसा ही किया. भगवन गणेश खुश तो हुए लेकिन उन्होंने कहा कि श्राप पूरी तरह खत्म नहीं होगा. गणेश चतुर्थी पर जो चांद को देखेगा उस पर ये श्राप अवश्‍य लगेगा.

Ganesh Chaturthi 2019 Date
गणेश चतुर्थी इस बार 2 सितंबर, सोमवार को है.

Ganesh Chaturthi Shubh Muhurat
गणेश पूजन के लिए मुहूर्त : दोपहर 11:04 बजे से 1:37 बजे तक. ये करीब 2 घंटे 32 मिनट की अवधि है.