By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.
- Hindi
- Faith Hindi
- Ganesh Chaturthi 2020 Bhog Offer These 10 Types Of Bhog To Lord Ganesha For 10 Days
Ganesh Chaturthi 2020 Bhog: 10 दिन तक भगवान गणेश को लगाएं ये 10 तरह के भोग
गणेश चतुर्थी के दिन गणेशोत्सव में भगवान गणेशजी की 10 दिन के लिए स्थापना करके उनकी पूजा अर्चना की जाती है.
नई दिल्ली: भगवान गणेश (Ganesh Chaturthi 2020) को हिंदू धर्म में प्रथम पूजनीय माना जाता है. किसी भी शुभ कार्य में सबसे पहले गणेश जी की ही पूजा की जाती हैं. ग्रह प्रवेश और भूमि पूजन से पहले हर बार गणपति को पहले पूजा जाता है. शास्त्रों में वैसे तो हर माह चतुर्थी को गणेश जी की पूजा का विधान है, लेकिन भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को देश भर में धूम धाम से मनाई जाती है. गणेश चतुर्थी के दिन गणेशोत्सव में भगवान गणेशजी की 10 दिन के लिए स्थापना करके उनकी पूजा अर्चना की जाती है. कुछ राज्यों में यह गणेश उत्सव तीन दिन तक ही चलता और बाद में विसर्जन किया जाता है. ऐसे में 10 दिन तक आप भगवान गणेश को हर दिन अलग -अलग तरह का प्रसाद चढ़ा सकते हैं. आइए जानते हैं उनके बारे में-
मोदक- गणेशजी को मोदक के लड्डू बड़े प्रिय हैं. मोदक भी कई तरह के बनते हैं. महाराष्ट्र में खासतौर पर गणेश पूजा के अवसर पर घर-घर में तरह-तरह के मोदक बनाए जाते हैं.
मोतीचूर के लड्डू- भगवान गणेश को मोतीचूर के लड्डू का भोग लगता है. इन्हें बूंदी के लड्डू भी कहा जाता है. . इसके अलावा उन्हें शुद्ध घी से बने बेसन के लड्डू भी पसंद हैं.
नारियल चावल- भगवान गणेश को नारियल चावल का भी भोग लगाया जाता है. इसके लिए नारियल के दूध या पानी में चावल को भिगोगर या नारियल के गुदे को चावल में मिलाकर पकाया जाता है.
पुरण पोली- यह खोआ या मावा, घी, बेसन और दूध से बना एक व्यंजन होता है. पुराण पोली में चले की दाल में गुढ़ मिलाकर उसे मिसकर उसे रोटी में भरा जाता है.
श्रीखंड – केसर मिला पीला श्रीखंड का भोग भी उन्हें लगाया जाता है. दही से बने इस मिष्ठान में किशमिश और चारोली मिलाकर इसके भोग लगाएं. श्रीखंड के अलावा आप पंचामृत या पंजरी का भी भोग लगा सकते हैं.
केले का शीरा- भगवान गणेश को केले का शीरा का भोग भी लगाया जाता है. इसे बनाने के लिए मैश किए हुए केले, सूजी और चीनी से बना शीरा सूजी के हलवे की तरह होता है. यह भी गणेशजी का प्रिय भोजन माना जाता है.
रवा पोंगल- इसे सूजी में घी डालकर बनाया जाता है. इसमें किशमिशल काजू और बादाम डाला जाता है.
पयसम- यह एक खीर की तरह होती है. इसे दूध और चीनी या गुड़ के साथ बनाया जाता है और फिर इसमें चावल या सेंवई मिलाई जाती है.
दूर्वा घास- भगवान गणेश की पूजा करने से पहले आप गणेश जी को चढ़ाने के लिए सदैव दूर्वा का सबसे ऊपरी हिस्सा लेना चाहिए. भक्त दूर्वा से गणेश जी की पूजा करते हैं, उनके पास धन की कोई कमी नहीं रहती है. ध्यान रहे की जब आप भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित कर सकते हैं इक्कीस गांठे.
घी- गणपति को पूजा के दौरान घी भी अर्पित कर सकते हैं, गणेश जी की पूजा में घी का बहुत महत्व माना गया है. गणेश जी को घी अर्पित जरु करें इससे आपकी बुद्धि तेज होती है, जिससे इंसान हर काम में सफलता हासिल करता है.
Also Read:
-
गणेश जी के सपने में आने का मतलब! खुलेंगे किस्मत के दरवाजे या मिलने वाली है चेतावनी?
-
दुनिया का दूसरा 'भारत' है ये देश, भगवान गणेश की 700 साल पुरानी मूर्ति है विराजमान, धधकते ज्वालामुखी से करते हैं सुरक्षा!
-
दुनिया का दूसरा 'भारत' है ये देश, भगवान गणेश की 700 साल पुरानी मूर्ति है विराजमान, धधकते ज्वालामुखी से करते हैं सुरक्षा!
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Faith Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें