Ganesh Chaturthi 2021: भगवान गणेश को प्रथन पूजनीय कहा जाता है. कोई भी शुभ कार्य करने से पहले भगवान गणेश की पूजा होती है. ऐसे में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का आगाज हो चुका है. यह उत्सव 19 सितंबर तक मनाया जाएगा. चतुर्थी के दिन भगवान गणपति की प्रतिमा को लोग धूमधाम से अपने घर लेकर आते हैं और उनकी स्थापना करते हैं. भगवान गणेश को घर में 5, 7 या 9 दिनों तक घर में बैठाने के बाद उनका विसर्जन कर दिया जाता है. कहा जाता है कि इस दौरान गणेश भगवान की सच्चे दिल से आराधना करो तो वो सारे संकटों को हरकर अपने साथ ले जाते हैं. ऐसे में अगर आप भी गणपति बप्पा को घर पर लाएं हैं तो रोजाना गणेश गणेश स्तोत्र (ganesh stotra) का पाठ जरूर करें.Also Read - Aishwarya Rai ने भी हाथ जोड़कर लिया बप्पा से आशीवार्द, लाल रंग की साड़ी में लगी बेहद खूबसूरत

ये है गणेश स्तोत्र (Ganesh Stotra)

प्रणम्य शिरसा देवं गौरी विनायकम्, Also Read - Ganesh Chaturthi 2021: गणेश चतुर्थी के मौके पर करें इन शुगर फ्री मिठाइयों का सेवन, देखें इन्हे बनाने की विधि

भक्तावासं स्मेर नित्यमाय्ः कामार्थसिद्धये. Also Read - Ganesh Chaturthi 2021 Lord Ganesha Idol: निसंतान दंपत्ति गणेश चतुर्थी के दिन घर लाएं बप्पा की इस तरह की मूर्ति, जल्द गूंजेगी किलकारियां

प्रथमं वक्रतुडं च एकदंत द्वितीयकम्,

तृतियं कृष्णपिंगात्क्षं गजववत्रं चतुर्थकम्.

लंबोदरं पंचम च पष्ठं विकटमेव च,

सप्तमं विघ्नराजेंद्रं धूम्रवर्ण तथाष्टमम्.

नवमं भाल चंद्रं च दशमं तु विनायकम्,

एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजानन्.

द्वादशैतानि नामानि त्रिसंघ्यंयः पठेन्नरः,

न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं प्रभो.

विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम्,

पुत्रार्थी लभते पुत्रान्मो क्षार्थी लभते गतिम्.

जपेद्णपतिस्तोत्रं षडिभर्मासैः फलं लभते,

संवत्सरेण सिद्धिंच लभते नात्र संशयः.

अष्टभ्यो ब्राह्मणे भ्यश्र्च लिखित्वा फलं लभते,

तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादतः.