Ganesh Chaturthi Chandra Darshan Katha: हिंदू धर्म में गणेश जी को सर्वश्रेष्ठ देवताओं में से एक माना जाता है. कोई भी शुभ कार्य गणेश जी की पूजा के बिना अधूरे माने जाते हैं. किसी भी कार्य को करने से पहले गणेश जी की पूजा-अर्चना करना अनिवार्य माना जाता है. भगवान गणेश के जन्मोत्सव को गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2021) के नाम से जाना जाता है. इस साल गणेश चतुर्थी 10 सिंतबर के शुरू हो रही है जिसका समापन 19 सिंतबर को होगा. गणेश चतुर्थी के दिन चन्द्र दर्शन करना वर्जित माना जाता है. कहा जाता है कि यदि आपने गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi Par Kyu Varjit Mana Jata Hai Chandra Darshan) को अर्थात भादो के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को चांद का दर्शन कर लिया तो आप पर झूठे आरोप लगेंगे अर्थात झूठे कलंक लगने की मान्यता है. ऐसे में आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह-Also Read - Ganesh Chaturthi 2021: गणेश चतुर्थी के इन दस दिनों में रोजाना करें गणपति के इस 'स्तोत्र' का पाठ, हर संकट से मिलेगी मुक्ति

वर्जित चन्द्रदर्शन का समय (Varjit Chandra Darshan Ka Samay) – 09:12 ए एम से 08:53 पी एम Also Read - Aishwarya Rai ने भी हाथ जोड़कर लिया बप्पा से आशीवार्द, लाल रंग की साड़ी में लगी बेहद खूबसूरत

गणेश चतुर्थी पर चन्द्र दर्शन ना करने के पीछे की कथा (Ganesh Chaturthi Chandra Darshan Katha)

पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार भगवान श्रीगणेश जी माता पार्वती के आदेशानुसार घर के मुख्य द्वार पर पहरा दे रहे थे. तभी भगवान शिव वहां आए और अंदर जाने लगे. इस पर गणेश भगवान ने मनाकर दिया और उन्हें घर के अंदर जाने से रोक दिया. तब महादेव ने गुस्से में आकर भगवान गणेश का सिर धड़ से अलग कर दिया. इतने पर देवी माता पार्वती जी वहां आ गईं. उन्होंने भगवान शिव जी से कहा कि यह आपने क्या अनर्थ कर दिया, ये तो पुत्र गणेश हैं. आप इन्हें पुनः जीवित करें. तब भगवान शिव ने गणेश जी को गजानन मुख देकर नया जीवन दिया. इस पर सभी देवता गजानन को आशीर्वाद दे रहे थे, परंतु चंद्र देव इन्हें देखकर मुस्करा रहे थे. चंद्रदेव का यह उपहास गणेश जी को अच्छा न लगा और वे क्रोध में आकर चंद्रदेव को हमेशा के लिए काले होने का शाप दे दिया. श्राप के प्रभाव से चंद्र देव की सुंदरता खत्म हो गई और वे काले हो गए. तब चंद्र देव को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने गणेश जी से क्षमा मांगी. तब गणपति ने कहा कि अब आप पूरे माह में केवल एक बार अपनी पूर्ण कलाओं में आ सकेंगे. यही कारण है कि पूर्णिमा के दिन ही चंद्रमा अपनी समस्त कलाओं से युक्त होते हैं. Also Read - Ganesh Chaturthi 2021: गणेश चतुर्थी के मौके पर करें इन शुगर फ्री मिठाइयों का सेवन, देखें इन्हे बनाने की विधि