Ganesha Jayanti 2020: गणेश जयंती (Ganesh Jayanti) को हिंदू धर्म में विशेष धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन गणेश जी का अवतरण हुआ था.

पुराणों में भी गणेश जयंती की महिमा का बखान किया गया है. इस दिन गणेश पूजा करने से जन्‍मों के कष्‍ट दूर होते हैं.

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लाल रंग का प्रयोग

गणेश जी को लाल रंग अत्‍यंत प्रिय है. इसलिए गणेश जयंती के अवसर पर उनकी पूजा में लाल रंग का अधिक से अधिक प्रयोग करें. पूजा में लाल वस्‍त्र, लाल फूल व लाल चंदन का प्रयोग करें. पूजा के लिए लाल पुष्‍प, रोली, मौलि, लाल चंदन का प्रयोग करें. भगवान शिव व मां गौरी, नंदी, कार्तिकेय सहित उनकी पूजा करें. गणेश जी को मोदक अत्यंत प्रिय हैं इसलिए उन्‍हें प्रसाद के रूप में मोदक का ही भोग लगाएं.

आठ अवतार

शास्‍त्रों में गणेश जी के आठ अवतारों के बारे में बताया गया है. इन अवतारों के बारे में गणेश पुराण, मुद्गल पुराण आदि ग्रंथो में भी वर्णन है.
ये हैं नाम-
वक्रतुंड
एकदंत
महोदर
गजानन
लंबोदर
विकट
विघ्नराज
धूम्रवर्ण

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ऐसे करें पूजन

– नित्य कर्म से निवृत्त हों. भगवान गणपति का ध्‍यान करें. व्रत का संकल्‍प लें.
– पूजा आरंभ करने से पहले ये जान लें कि श्रीगणेश को तुलसी दल व तुलसी पत्र नहीं चढ़ाना चाहिए.
– श्रीगणेश सहित प्रभु शिव व गौरी, नंदी, कार्तिकेय सहित शिव परिवार की पूजा करनी चाहिए.
– शुद्ध स्‍थान से चुनी हुई दुर्वा को धोकर चढ़ाएं. पूजा आरंभ करें. धूप-दीप से श्रीगणेश का आह्वान करें.
– गणेश मंत्रों का जप करें. पूजा के अंत में आरती करें.
– देशी घी में बने मोदक का प्रसाद चढ़ाएं.परिवारजनों को वितरित करें.

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