Ganesh Utsav 2021 Maharashtra: हर साल बप्पा के जन्म का उत्सव यानी गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है. महाराष्ट्र में तो इसकी अलग ही धूम होती है. लोग घरों में तो गणेश जी को लाते ही हैं, साथ ही बड़े-बड़े पांडालों में बप्पा की विशाल मूर्तियों की शोभा ही अलग होती है. पर कोविड-19 की दूसरी लहर के बाद क्या इस साल गणेश उत्सव बड़े स्तर पर हो सकेगा, जानें हर बात.Also Read - Aaj Ka Panchang, September 19 , 2021: अनंत चतुर्दशी आज, जानें गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त, पढ़ें पंचांग

महाराष्ट्र सरकार ने 10 सितंबर से शुरू होने वाले 10 दिवसीय गणेशोत्सव के लिए विशाल सार्वजनिक समारोहों और भगवान गणेश की विशाल मूर्तियों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. Also Read - Kis Din Hoga Ganpati Visarjan 2021: इस शुभ मुहूर्त पर ही करें बप्‍पा को अलव‍िदा, विसर्जन के समय ना करें ये गलतियां

संभावित कोविड-19 की ‘तीसरी लहर’ को देखते हुए, राज्य सरकार ने मंगलवार को एक विस्तृत अधिसूचना जारी कर सार्वजनिक स्थलों पर मूर्तियों की ऊंचाई 4 फीट और घरेलू पूजा के लिए 2 फीट तक सीमित कर दी है. Also Read - महाराष्ट्र में आ गई है कोरोना की तीसरी लहर? मुंबई-नागपुर में बढ़ी सख्ती, लगीं ये पाबंदियां, जानिए

सरकार ने 10 दिनों के दौरान भीड़ के बिना और सभी कोविड -19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए, सरल, अनाकर्षक समारोहों को भी निर्धारित किया है.

10 सितंबर को उत्सव की शुरूआत के लिए या 19 सितंबर को अंतिम विदाई तक विभिन्न तिथियों पर ‘विसर्जन’ समारोहों के लिए किसी भी जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी.

सामान्य सांस्कृतिक या मनोरंजन कार्यक्रमों के बजाय, सरकार ने स्वास्थ्य शिविरों या रक्तदान अभियान या कोरोनावायरस, मलेरिया, डेंगू आदि के लिए स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों को प्राथमिकता देने की सिफारिश की है, जिसमें सभी सार्वजनिक मंडलों और मेगा गणेशोत्सव समूह आयोजकों द्वारा उच्चतम स्तर की स्वच्छता बनाए रखी जाती है.

त्योहार के दौरान लागू होने वाले प्रतिबंधों के स्तरों के आधार पर, अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गणेशोत्सव के दौरान इनमें ढील नहीं दी जाएगी. सार्वजनिक ‘मंडलों’ को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि दैनिक ‘आरती’, ‘पूजा’ और ‘दर्शन’ के दौरान कोई भीड़भाड़ न हो.

राज्य सरकार ने सुझाव दिया है कि सार्वजनिक ‘मंडल’ ऑनलाइन ‘दर्शन’ पर स्विच करें या स्थानीय केबल टेलीविजन नेटवर्क, वेबसाइटों या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से समारोहों को प्रसारित करें, जैसा कि संजय डी. खेडेकर, डिप्टी सचिव, गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है.

विसर्जन के लिए बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को बाहर निकलने से बचना चाहिए और जहां तक संभव हो, विसर्जन समारोह कृत्रिम तालाबों में किया जाना चाहिए जो विभिन्न सार्वजनिक और निजी निकायों द्वारा बनाए जाएंगे.