नई दिल्ली: आज गणपति बप्पा की विदाई का दिन है. इस साल कोरोना संकट के कारण देशभर में ना तो गणेश चतुर्थी का पर्व धूमधाम से मनाया गया और ना ही गणपति विसर्जन को लोग उस तरह से मना पाएंगे जैसे पहले मनाया जाता था. फिर भी देश भर में इस अवसर पर गणपति विसर्जन का आयोजन होगा. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कोरोनाकाल में आप घर बैठे कैसे गणपति विसर्जन कर सकते हैं. Also Read - Parenting Tips: कोरोना वायरस से संक्रमित महिलाएं शिशु को ब्रेस्ट फीडिंग कराते समय जरूर करें ये काम

कोरोना काल में ऐसे करें घर पर विसर्जन
विसर्जन का नियम है कि देवी-देवताओं की मूर्ति को श्रद्धालु नदी, तालाब, कुंड में विसर्जित करते हैं. ऐसे में शहरों में रहने वाले लोग नदि और तालाब में नहीं जा सकते. ऐसे में लोग जमीन खोदकर उसमें पानी भरकर मूर्ति को विसर्जित करते हैं. कोरोनाकाल में जहां लोग घर से बाहर नहीं निकल सकते ऐसे में लगो घर पर किसी बड़े बर्तन में पानी भरकर गणेश जी की प्रतिमा को विसर्जित कर सकते हैं. लेकिन बस इस बात का ध्यान रखे कि पानी आपके पैरों में ना लगे. इसके बाद विसर्जित किए हुए पानी को तुलसी के पौधे में डाल दें. Also Read - Schools Reopen News: छह महीने बाद सबसे पहले खुलेंगे ये स्कूल, जोर-शोर से चल रही है तैयारी

इस तरह हुई थी गणेश विसर्जन की शुरुआत
माना जाता है कि अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणपति को जल में विसर्जित कर दिया जाता है क्योंकि वो जल तत्व के अधिपति हैं. पुराणों के अनुसार, वेद व्यास जी भगवान गणेश को कथा सुनाते थे और बप्पा उसे लिखते थे. कथा सुनाते समय वेद व्यास जी ने अपने नेत्र बंद कर लिए. वो 10 दिन तक कथा सुनाते गए और बप्पा उसे लिखते गए. लेकिन जब दस दिन बाद वेद व्यास जी ने अपने नेत्र खोले तो देखा कि गणपति जी के शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ गया था. वेद व्यास जी ने उनका शरीर ठंडा करने के लिए ही उन्हें जल में डुबा दिया जिससे उनका शरीर ठंडा हो गया. कहा जाता है कि उसी समय से यह मान्यता चली आ रही है कि गणेश जी को शीतल करने के लिए ही गणेश विसर्जन किया जाता है. Also Read - फिर सवालों के घेरे में रूस की कोरोना वैक्सीन Sputnik V, ट्रायल में दिखाई दिए ये साइड इफेक्ट