Ganga Saptami 2026: क्या सच में गंगा में स्नान करने से मिट जाते हैं सारे पाप? जानिए क्या कहते हैं धर्म शास्त्र

Ganga Saptami 2026: हिंदू धर्म में गंगा नदी को पूजनीय स्थान दिया गया है और कहते हैं कि गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं. लेकिन क्या वाकई गंगा स्नान से व्यक्ति पाप मुक्त हो जाता है?

Published date india.com Updated: April 21, 2026 4:05 PM IST
Ganga Saptami 2026: क्या सच में गंगा में स्नान करने से मिट जाते हैं सारे पाप? जानिए क्या कहते हैं धर्म शास्त्र
Ganga Snan 2026

Ganga Saptami 2026: वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन गंगा सप्तमी मनाई जाती है और मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं. गंगा नदी में स्नान करने मात्र से ही व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिलती है और देवी-देवताओं का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है. यदि गंगा सप्तमी के दिन गंगा स्नान किया जाए तो मां गंगा की कृपा से व्यक्ति को जन्म-जन्मांतरों के पापों से मुक्ति मिलती है और कई ग्रह दोष भी शांत होते हैं.

गंगा सप्तमी कब है?

वैदिक पंचांग के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 22 अप्रैल को रात 10 बजकर 49 मिनट पर शुरू होगी और 23 अप्रैल को रात 8 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार इस साल गंगा सप्तमी 23 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी.

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गंगा स्नान से मिट जाते हैं पाप?

हिंदू धर्म में गंगा को सबसे पवित्र और पूजनीय नदी माना गया है और धर्म पुराणों में भी इसका उल्लेख मिलता है. कहते हैं कि भगवान शिव की जटाओं से निकली गंगा नदी में स्नान करने से सभी पाप मिट जाते हैं. धर्म शास्त्रों के अनुसार गंगा का जल पवित्र और पूजनीय है. इसमें स्नान करने से व्यक्ति का तन ही नहीं, बल्कि मन और आत्मा भी शुद्ध होती है. अगर कोई व्यक्ति अपने कर्मों का पश्चाताप करने के लिए गंगा में स्नान करता है तो उसे सच्चे मन से मां गंगा की उपासना करनी चाहिए. तभी पाप मिटते हैं और मां गंगा आशीर्वाद देती हैं. लेकिन पापों से मुक्ति तभी संभव है जब गंगा स्नान के समय भविष्य में गलत काम न करने का संकल्प लिया जाए. क्योंकि केवल औपचारिकता से गंगा स्नान को फल नहीं मिलता.

सिर्फ गंगा स्नान नहीं, बल्कि ये भी है जरूरी

अगर आपको लगता है कि केवल गंगा स्नान से ही सभी पाप मिट जाएंगे तो ऐसा नहीं है. शास्त्रों के अनुसार व्यक्ति को जानबूझकर कोई पाप नहीं करना चाहिए. यदि अनजाने में गलती हो जाए तो उसका पश्चाताप अवश्य करना चाहिए. साथ ही यह भी संकल्प लेना चाहिए कि भविष्य में कभी कोई पाप या गलत कार्य न हो. तभी गंगा स्नान का पूर्ण फल प्राप्त होता है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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