Gangaur Teej 2020: गणगौर तीज या गणगौर व्रत को पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए रखा जाता है. इसे गौरी तृतीया भी कहते हैं. चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन इस व्रत को रखने की परंपरा है. ये व्रत राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्यप्रदेश में किया जाता है. गणगौर तीज कुंवारी और विवाहित महिलाएं रखती हैं. इस दिन मां पार्वती और भगवान शंकर की पूजा की जाती है. कुंवारी, विवाहिताएं और नवविवाहिताएं सुहागिनें नदी, तालाब या शुद्ध स्वच्छ शीतल सरोवर पर जाकर गीत गाती हैं और गणगौर को विसर्जित करती हैं. Also Read - Gangaur Teej 2020 Pujan Vidhi: आज गणगौर, घर में ऐसे करें शिव-गौरी पूजन, पढ़ें पौराणिक कथा

गणगौर तीज का महत्व

यह व्रत विवाहित महिलाएं पति से सात जन्मों का साथ, स्नेह, सम्मान और सौभाग्य पाने के लिए करती हैं. इस व्रत को करने से कुंवारी कन्या को उत्तम पति मिलता है और सुहागिनों का सुहाग अखंड रहता है. Also Read - gangaur teej on 20 march significance and importance| गणगौर तीज आज, जानें महत्व और उपाय

शास्त्रों के अनुसार, मां पार्वती ने भी अखण्ड सौभाग्य की कामना से कठोर तपस्या की थी और उसी तप के प्रताप से भगवान शिव को पाया. इस दिन भगवान शिव ने माता पार्वती को तथा पार्वती जी ने समस्त स्त्री जाति को सौभाग्य का वरदान दिया था.

Gangaur Teej 2020 Date

गणगौर तीज इस बार 27 मार्च, शुक्रवार को है.

Gangaur Teej 2020 Shubh Muhurat

तृतीया तिथि 26 मार्च को 07:53 PM पर शुरू होगी. 27 मार्च को 10:12 PM बजे तक रहेगी.