Gauri Tritiya: गौरी तृतीया 2019 का व्रत इस साल 8 फरवरी, शुक्रवार को क‍िया जाएगा. इस व्रत को रखने से माता प्रसन्‍न होती हैं और मनचाहा वरदान देती हैं.

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कब रखा जाता है व्रत
ये व्रत हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को रखा जाता है. इसे गौरी तृतीया व्रत कहा जाता है. इस बार ये व्रत 8 फरवरी, शुक्रवार को रखा जाएगा.

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किसकी पूजा होती है
जैसा कि नाम से ही पता चलता है, इस दिन मां गौरी की पूजा की जाती है. इस व्रत को रखने से सुहाग-संतान की रक्षा होती है. मनचाहा वरदान प्राप्‍त होता है.

कैसे की जाती है पूजा
तीज की तरह ही इस पर्व को मनाया जाता है. पूरे दिन व्रत रखा जाता है. फिर शाम के समय श्रृंगार करके महिलाएं मंदिर जाती हैं, फिर शिव-गौरी की पूजा करती हैं. ये पूजा घर में भी की जा सकती है.

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क्‍यों खास है ये व्रत
माता सती के कई नाम हैं. इन्‍हीं में से एक नाम ‘गौरी’ भी है. ये नाम भगवान शिव को अति प्रिय है. ऐसा कहा जाता है कि शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि को भगवान शंकर और देवी सती का विवाह हुआ था. इसीलिए माघ की शुक्ल तृतीया के दिन ये व्रत किया जाता है. इस व्रत को करने से सौभाग्य मिलता है. सभी मनोरथ पूरे होते हैं.

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