नई दिल्ली: आज यानी 2 जून 2020 को ज्येष्ठ गायत्री जंयती है. इस दिन माता गायत्री की पूजा- अर्चना की जाती है. हर साल गायत्री जयंती ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है. इस दिन निर्जला एकादशी भी मनाई जाती है. गायत्री माता को सनातन धर्म की देवी भी कहा जाता है. माना जाता है कि देवी गायत्री ब्राह्मण की सभी अभूतपूर्व विशेषताओं का प्रकटीकरण है. उन्हें हिंदू त्रिमूर्ति की देवी के रूप में भी पूजा जाता है. उन्हें देवी सरस्वती, देवी पार्वती और देवी लक्ष्मी के अवतार के रूप में माना जाता है.

ज्येष्ठ गायत्री जयन्ती मुहूर्त

ज्येष्ठ गायत्री जयन्ती मंगलवार, जून 2, 2020 को
एकादशी तिथि प्रारम्भ – जून 01, 2020 को 2:57 पी एम बजे
एकादशी तिथि समाप्त – जून 02, 2020 को 12:04 पी एम बजे

गायत्री मंत्र आह्वान

इस दिन गायत्री मंत्र का जाप किया जाता है. माना जाता है कि गायत्री मंत्र का जाप करने से लोगों की सभी समस्याएं खत्म हो जाती है. एक मान्यता के मुताबिक, गायत्री मंत्र का अवतरण सृष्टि के आदिकाल में ब्रह्रााजी के मुख से हुआ. तब ब्रह्रााजी ने गायत्री मंत्र की व्याख्या अपने चारों मुख से चारों वेदों के रूप में किया था. सृष्टि के शुरुआत में गायत्री मंत्र की महिमा सिर्फ देवी-देवताओं तक ही थी लेकिन बाद में विश्वमित्र ने कठोर तपस्या करके गायत्री मंत्र को जन-जन तक पहुंचाया.

गायत्री जयंती पूजा विधि

इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्मों से निवृत हो जाएं. इसके बाद गंगाजल युक्त पानी से स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य दें. इस समय गायत्री मंत्र का कम से कम 5 बार जरूर जाप करें. तदोउपरांत, माता गायत्री को साक्षी मानकर उनकी प्रतिमा अथवा तस्वीर की पूजा फल, फूल, धूप-दीप, अक्षत चन्दन, जल आदि करें.