नई दिल्ली. हिन्दू धर्म की पौराणिक और धार्मिक किताबों को एक दर्जन से ज्यादा भाषाओं में प्रकाशित करने वाली गीताप्रेस जल्द ही तेलुगू भाषा में पौराणिक महाकाव्य महाभारत का प्रकाशन करने जा रही है. दुनिया में हिन्दू धर्म की सबसे ज्यादा पुस्तकें प्रकाशित करने वाली यह संस्था वेदव्यास रचित महाकाव्य को तेलुगू भाषा में सुलभ कराएगी. गीताप्रेस के प्रोडक्शन मैनेजर लालमणि त्रिपाठी ने बताया कि तेलुगू भाषा में महाभारत प्रकाशित करने का काम चल रहा है. संभवत: 15 दिन में पुस्तक बाजार में आ जाएगी. बता दें कि 1923 में अपनी स्थापना के बाद धार्मिक पुस्तकों के प्रकाशन से जुड़ी यह संस्था उर्दू और अंग्रेजी में भी किताबों का प्रकाशन करती है. गीताप्रेस उर्दू सहित 15 भाषाओं में 1,800 किस्म की पुस्तकों का प्रकाशन पहले से ही कर रही है. स्थापना के बाद इस संस्था ने पहले सिर्फ हिन्दी और संस्कृत में ही किताबों का प्रकाशन किया था. बाद के दिनों में संस्था ने कई अन्य भाषाओं में भी किताबों का प्रकाशन शुरू किया.

400 रुपए की होगी 7 खंडों में तेलुगू की महाभारत
लालमणि त्रिपाठी ने बताया कि छह-सात साल से दो विद्वान स्वेच्छा से महाभारत का तेलुगू भाषा में अनुवाद कर रहे थे. काम का अधिक दबाव होने की वजह से हम इसे प्रकाशित नहीं कर सके. अब इसे प्रकाशित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि पुस्तक के सात खंड होंगे. पहला संस्करण 15 दिन में बाजार में आने की संभावना है. हर खंड की कीमत 400 रुपए होगी. त्रिपाठी ने बताया कि संस्कृत श्लोक तेलुगू लिपि में होंगे, जबकि उनकी टीका तेलुगू भाषा में लिखी होगी. हम हर खंड की दो हजार प्रतियां प्रकाशित करेंगे. कुल 14 हजार प्रतियों का प्रकाशन किया जाएगा. पुस्तक 10.5 इंच लंबी और 7.5 इंच चौड़ी होगी. उन्होंने बताया कि हर खंड में आठ चित्र होंगे जो पुस्तक में लिखी कहानियों पर आधारित होंगे. बता दें कि गीताप्रेस से हिन्दी और संस्कृत भाषा के अलावा भी कई भाषाओं में पुस्तकों का प्रकाशन किया जाता है. इनमें गुजराती, तेलुगू, उड़िया, अंग्रेजी, बांग्ला, मराठी, तमिल, कन्नड़, असमिया, मलयालम, नेपाली, उर्दू और पंजाबी शामिल हैं.

अब तक 58 करोड़ से ज्यादा पुस्तकों का प्रकाशन
गीताप्रेस की स्थापना वर्ष 1923 में की गई थी. इसके बाद से यह संस्था लगातार हिन्दू धार्मिक ग्रंथों का प्रकाशन कर रही है. इन पुस्तकों में सबसे ज्यादा संख्या श्रीमद्भागवत गीता का है. पिछले करीब 9 दशकों में गीताप्रेस ने 58 करोड़ से ज्यादा किताबों का प्रकाशन विभिन्न भाषाओं में किया है. गीताप्रेस से प्रकाशित किताबों की संख्या पर गौर करें तो इस संस्था ने अब तक श्रीमद्भागवत गीता की विभिन्न भाषाओं में 1142 लाख प्रतियां प्रकाशित किए हैं. वहीं, गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरित मानस और उनकी अन्य किताबों के 922 लाख प्रकाशन किए जा चुके हैं. पुराण, उपनिषद और पौराणिक आख्यानों पर आधारित 1055 लाख किताबों का प्रकाशन गीताप्रेस ने किया है. वहीं, संतों की कथाएं और भजनों से संबंधित 1244 लाख किताबें यह संस्था प्रकाशित कर चुकी है. गीताप्रेस की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक कुल मिलाकर 58 करोड़ 25 लाख किताबें अब तक इस संस्था ने प्रकाशित की हैं.

(इनपुट –  भाषा)