13 अगस्त यानि आज के दिन राजस्थान के लोक देवता माने जाने वाले गोगा देव का जन्म हुआ था. लोग इन्हें जाहरवीर गोगा राणा के नाम से जानते हैं. राजस्थान के महापुरुष गोगाजी का जन्म भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था, इसे गोगा नवमी से जाना जाता है. कथाओं के अनुसार गोगाजी को सांपों का देवता भी कहा जाता है और इस रुप में इन्हें पूजा भी जाता है. गोगा देव को जाहरवीर गोगा राणा या जाहरपीर गोगा जी जैसे नामों से भी जाना जाता है.

कैसे हुआ गोगा देव का जन्म
गोगा देव को राजस्थान के लोग सांपों के देवता मानते हैं और इसी रुप में उनकी पूजा की जाती है. गोगाजी की मां बाछल देवी नि:संतान थी, संतान को पाने के लिए उन्होंने तपस्या की थी. बाछल देवी की तपस्या देखकर गुरु गोरखनाथ बेहद प्रसन्न हुए और उन्होंने बाछल देवी को पुत्र का वरदान दिया, जिसके बाद गोगा देव का जन्म हुआ.

कैसे करें गोगा देव की पूजा
पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठे औऱ नहा धोकर खाना पकाएं, गोगा देव को खीर,चूरमा,गुलगुले जैसे पकवान चढ़ते हैं. ये सब बनाकर मिट्टी की मूर्तियों के साथ गोगा देव की पूजा की जाती है. रोली,चावल से टीका कर बने हुए पकवानों का भोग लगता है. कहा जाता है की रक्षाबंधन के दिन बहने अपने भाईयों को जो राखी बांधती है वही, गोगा नवमी के दिन उन्हें खोलकर पहनाई जाती है. राजस्थान के लोग गोगा देव की पूजा बड़े धूमधाम के साथ करते हैं.