Good Friday 2019 इस बार 19 अप्रैल को मनाया जाएगा. इस दिन जीसस क्राइस्‍ट को सूली पर चढ़ाया गया था.

गुड फ्राइडे के लिए बाइबल में लिखा है
ईसा मसीह को राज्यपाल पिलातुल के सामने पेश किया गया. पिलातुस ने उनसे पूछा क्या तुम यहूदियों के राजा हो? ईसा ने उत्तर दिया, आप ठीक कहते हैं. महायाजक और नेता ईसा पर अभियोग लगाते रहे. जब पिलातुस ने देखा कि मेरी एक भी नहीं चलती, उलटे हंगामा होता जा रहा है, तो उसने पानी मंगा कर लोगों के सामने हाथ धोए और कहा, ‘मैं इस धर्मात्मा के रक्त का दोषी नहीं हूं तुम लोग जानो. इसके बाद जनता ने जवाब दिया, इसका रक्त हम पर और हमारी सन्तान पर. इस पर पिलातुस ने उनके लिए बराब्बस डाकू को मुक्त कर दिया और ईसा को कोड़े लगवा कर क्रूस पर चढ़ाने सैनिकों के हवाले कर दिया.

ईसा को क्रूस पर क्यों चढ़ाया गया
राज्यपाल के सैनिकों ने ईसा को भवन के अन्दर ले जा कर उनके पास सारी पलटन एकत्र कर ली. उन्होंने उनके कपड़े’ उतार कर उन्हें लाल चोंगा पहनाया, काँटों का मुकुट गूंथ कर उनके सिर पर रखा और उनके दाहिने हाथ में सरकंडा थमा दिया. तब उनके सामने घुटने टेक कर उन्होंने यह कहते हुए उनका उपहास किया यहूदियों के राजा, प्रणाम. वे उन पर थूकते और सरकंडा छीन कर उनके सिर पर मारते थे.

शहर से निकलते समय उन्हें कुरेने निवासी सिमोन मिला और उन्होंने उसे ईसा का क्रूस उठा ले चलने के लिए बाध्य किया. वे उस जगह पहुंचे, जो गोलगोथा अर्थात खोपड़ी की जगह कहलाती है. वहां लोगों ने ईसा को पित्त मिली हुई अंगूरी पीने को दी. उन्होंने उसे चख तो लिया, लेकिन उसे पीना अस्वीकार किया. उन्होंने ईसा को क्रूस पर चढ़ाया और चिट्ठी डाल कर उनके कपड़े बांट लिए.

ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाने की याद में इस तरह हर साल गुड फ्राइडे मनाया जाता है. इस दिन लोग उपवास रहते हैं और चर्च में प्रार्थना में भाग लेते हैं. चर्च में इस दिन झांकी निकाली जाती है. गुड फ्राइडे के बाद आने वाले संडे को इस्टर संडे मनाया जाता है. मान्यता है कि अपनी मृत्यु के तीन दिन बाद ईसा मसीह फिर से जीवित हो गए थे.

कौन थे ईसा मसीह
ईसाई धर्मानुसार ईसा मसीह परमेश्वर के पुत्र थे. ईसा मसीह को यीशु के नाम से भी पुकारा जाता है. यीशु का जीवन, भाईचारे, सहनशीलता और अमन की मिसाल है. उनके संदेश आज भी अत्यंत प्रासंगिक हैं. उनका जीवन, बल्कि सूली पर किया गया बलिदान भी मानवता को सदैव राह दिखाता रहेगा. ईसा मसीह के बलिदान दिवस को गुड फ्राइडे कहते हैं. इस दिन श्रद्धालु प्रेम, सत्य और विश्वास की डगर पर चलने का प्रण लेते हैं. कई जगह लोग इस दिन काले कपड़े पहनकर शोक व्यक्त करते हैं.

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