Good Friday 2020: गुड फ्राइडे के दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था, उन्होंने प्राण त्यागे थे. पर क्या आप जानते हैं कि ईसा मसीह के अंतिम शब्द क्या थे और उनकी मृत्यु के समय क्या-क्या हुआ था. Also Read - Good Friday 2020: इन संदेशों से याद करें ईसा मसीह का बलिदान, देखें Messages, लगाएं DP, करें Facebook पर शेयर

जीसस को मृत्युदंड

करीब दो हजार साल पहले यरुशलम के गैलिली प्रांत के नासरत निवासी ईसा लोगों को मानवता, भाईचारा, एकता और शांति का उपदेश दे रहे थे. उनके उपदेश सुनकर लोगों में परमपिता परमेश्वर में आस्था जगने लगी. वे खुद को ईश्वर का पुत्र कहते थे. जब ईसा की लोकप्रियता बढ़ने लगी तो धर्मगुरुओं ने रोम के शासक के कान भरने शुरू कर दिए. फिर उन लोगों ने ईसा पर धर्म और राज्य की अवमानना का आरोप लगाकर क्रूस पर लटकाकर मृत्यु-दंड दे दिया. Also Read - Good Friday 2020: गुड फ्राइडे से जुड़ी 7 महत्वपूर्ण बातें, हर किसी को जाननी चाहिए...

ईसा को दी गईं यातनाएं

क्रूस पर लटकाए जाने से पूर्व ईसा को कई तरह की अमानवीय यातनाएं दी गईं थीं. इतिहास में दर्ज है कि उनके सिर पर कांटों का ताज रखा गया. क्रूस को अपने कंधे पर उठाकर ले जाने के लिए बाध्य किया गया. यही नहीं ईसा को कोड़ों और चाबुक लगाए गए. फिर क्रूस पर बेरहमी से कीलों से ठोक दिया गया. Also Read - Good Friday 2020: कब है गुड फ्राइडे, इस दिन का महत्व, क्यों मनाया जाता है शोक

विचित्र घटनाएं हुई थीं

ईसा मसीह को जब क्रूस पर लटकाया गया तो वे करीब छह घंटे तक सूली पर लटके रहे. बाइबिल के अनुसार, उनके क्रूस पर चढ़ाए जाने के आखिरी तीन घंटों के दौरान दोपहर थी. करीब 3 बजे तक पूरे देश में अंधेरा छाया रहा. फिर एक चीख के बाद ईसा मसीह ने प्राण त्यागे. उसी समय एक भूकंप भी आया था, कब्रों की कपाटें टूट गई थीं. जिस जगह ईसा को क्रूस पर चढ़ाया गया था, बाइबिल के अनुसार, वह स्थान गोलगोथा नामक ऊंचा टीला था.

ईसा के अंतिम शब्द

जब ईसा अपने प्राण त्याग रहे थे तो उन्होंने ऊंची आवाज में परमेश्वर को पुकारा और कहा- ‘हे पिता! मैं अपनी आत्मा को तेरे हाथों सौंपता हूं.’