जम्मू: जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शनिवार को एक इमारत की आधार शिला रखी, जहां वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की निशुल्क सुविधा दी जाएगी. इस इमारत में प्रतिदिन 4,000 लोगों को ठहराया जा सकता है.

राज्यपाल की अध्यक्षता वाले माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने एक बयान में कहा है कि माता वैष्णो देवी तीर्थस्थल पर आए तीर्थयात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधा प्रदान करते हुए राज्यपाल ने भवन क्षेत्र में नए दुर्गा भवन के निर्माण की आधारशिला रखी. राज्यपाल ने यहां राजभवन में श्राइन बोर्ड की 64वीं बैठक के इतर पांच-मंजिला इमारत के निर्माण की आधारशिला इलेक्ट्रॉनिक तरीके से रखी.

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प्रतिदिन निशुल्क ठहर सकेंगे 4,000 लोग
बयान के अनुसार, इमारत की अनुमानित लागत 50 करोड़ रुपये है और यहां लगभग 4,000 लोग प्रतिदिन निशुल्क ठहर सकेंगे. इमारत में तीर्थयात्रियों के लिए चार लिफ्ट्स के साथ-साथ लॉकर्स, टॉयलेट, कंबल और तैयार नाश्ते की सुविधा मिलेगी. नई भूकंपरोधी इमारत भवन क्षेत्र में स्थित सभी इमारतों में सबसे बड़ी इमारत है और यह पुराने दुर्गा भवन से लगभग दोगुनी बड़ी है. इसकी छत अतिरिक्त विश्राम स्थल के तौर पर डिजाइन की गई है.

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वैष्‍णो देवी मंदिर को लेकर मान्‍यता
वैष्णो देवी मंदिर, मान्यता के अनुसार, शक्ति को समर्पित पवित्रतम हिंदू मंदिरों में से एक है, जो भारत के जम्मू और कश्मीर में वैष्णो देवी की पहाड़ी पर स्थित है. इस धार्मिक स्थल की आराध्य देवी, वैष्णो देवी को सामान्यतः माता रानी और वैष्णवी के नाम से भी जाना जाता है. यह मंदिर, जम्मू और कश्मीर राज्य के जम्मू जिले में कटरा नगर के समीप अवस्थित है. यह उत्तरी भारत में सबसे पूजनीय पवित्र स्थलों में से एक है. मंदिर, 5,200 फ़ीट की ऊंचाई पर, कटरा से लगभग 12 किलोमीटर (7.45 मील) की दूरी पर स्थित है. हर वर्ष, लाखों तीर्थ यात्री, इस मंदिर का दर्शन करते हैं और यह भारत में तिरूमला वेंकटेश्वर मंदिर के बाद दूसरा सर्वाधिक देखा जाने वाला तीर्थस्थल है. इस मंदिर की देख-रेख श्री माता वैष्णो देवी तीर्थ मंडल नामक न्यास द्वारा की जाती है.