नई दिल्ली: दुनिया में कोरोना वायरस काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है. वहीं अगर भारत की बात की जाए तो यहां कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में इस साल कोरोना महामारी के संक्रमण को देखते हुए मथुरा में
बसरों से चली आ रही एक प्राचीन परंपरा टूट गई. कोरोना महामारी को देखते हुए इस साल गोवर्धन में लगने वाला किरोड़ी मेला नहीं लगेगा. इस मेले को देखने के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं.  करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु गिरिराज गोवर्धन की सात कोस परिक्रमा कर पुण्य कमाते हैं. बता दें कि हर साल जुलाई महीने में गोवर्धन में गुरु पूर्णिमा मेले का आयोजन किया जाता है.Also Read - संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी के बाद मथुरा में हाई अलर्ट, कृष्ण जन्मस्थान की सुरक्षा बढ़ी

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने इस साल यह मेला ना लगाने का आदेश दिया है. हर साल यह मेला पुलिस व प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के बीच पूरा होता है. 5 दिन तक लगने वाले इस मेले में करीब 1 करोड़ श्रद्धालु गोवर्धन महाराज की परिक्रमा लगाने आते हैं. लेकिन इस बार कोरोनावायरस के चलते गुरु पूर्णिमा मेले पर लगने वाली परिक्रमा नहीं लग सकेगी क्योंकि इस परिक्रमा में ना तो सोशल डिस्टेंसिंग रहेगी और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए संक्रमण फैलने का खतरा अधिक रहेगा. Also Read - योगी सरकार ने मथुरा के मांस की बिक्री पर लगया प्रतिबंध, अब अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे मुस्लिम विक्रेता

मान्यता है कि गुरु पूर्णिमा पर गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने पर सभी मनोकामना पूरी होती है. पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों एवं साधु-संतों के साथ एक बैठक कर परिक्रमा को रोकने के लिए विचार विमर्श किया. पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने भी अपनी स्वीकृति देते हुए कोरोना संक्रमण से बचने के लिए जरूरी कदम बताया. कहा जाता है कि गोवर्धन की परिक्रमा द्वापर युग से चली आ रही है. Also Read - योगी सरकार का बड़ा फैसला, मथुरा-वृदांवन का 10 वर्ग किमी क्षेत्र तीर्थ स्थल घोषित; शराब और मीट बेचने पर प्रतिबंध