Gupt Navratri 2023: कल से शुरू हो रहे हैं गुप्त नवरात्रि, इस शुभ मुहूर्त में करें घट स्थापना

Gupt Navratri 2023: गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 रुपों की गुप्त तरीके से पूजा की जाती है और इसके साथ ही 10 महाविद्याओं का भी पूजन किया जाता है.

Published date india.com Published: June 18, 2023 7:32 PM IST
Gupt Navratri 2023: कल से शुरू हो रहे हैं गुप्त नवरात्रि, इस शुभ मुहूर्त में करें घट स्थापना

Gupt Navratri 2023: हिंदू धर्म में नवरात्रि का त्योहार विशेष महत्व रखता है जहां शारदीय और चैत्र नवरात्रि को बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है. वहीं गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरुपों को पूजन गुप्त तरीके से किया जाता है. आषाढ़ माह में भी गुप्त नवरात्रि का पर्व आता है जो कि इस बार 19 जून 2023 से शुरू हो रहा है. आषाढ़ माह के गुप्त नवरात्रि का समापन 28 जून 2023 को होगा. गुप्त नवरात्रि में 9 दिन के बजाय 10वें दिन तक 10 महाविद्याओं का पूजन किया जाता है. ये नवरिात्र विशेष तौर पर तांत्रिकों के लिए होते हैं और इस दौरान वह तंत्र मंत्र की प्राप्ति के लिए पूजा करते हैं. हालांकि, गृहस्थ लोग भी मां दुर्गा का आशीर्वाद पाने के लिए साधारण तरीके गुप्त नवरात्रि में पूजा—पाठ करते हैं. गुप्त नवरात्रि में भी साधारण नवरात्रि की तरह ही घटस्थापना के साथ ही पूजा आरंभ की जाती है. आइए जानते हैं इस 19 जून को घटस्थापना का शुभ मुहूर्त.

गुप्त नवरात्रि 2023 घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह की प्रतिपदा तिथि 18 जून को सुबह 10 बजकर 6 मिनट पर शुरू हो गई है और इसका समापन 19 जून को सुबह 11 बजकर 25 मिनट पर होगा. 19 जून को गुप्त नवरात्रि का पहला दिन है. घटस्थापना के साथ ही पूजा की शुरुआत की जाती है. 19 जून को घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 23 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. यानि घटस्थापना के लिए आपके पास केवल 2 घंटे 4 मिनट की अवधि है. यदि यह मुहूर्त निकल जाए तो अभिजित मुहूर्त में भी घटस्थापना की जा सकती है जो कि 19 जून को सुबह 11 बजकर 55 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा.

गुप्त नवरात्रि का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक गुप्त सिद्धियां प्राप्त के लिए विशेष पूजा करते हैं. कहते हैं कि अगर कोई साधक गुप्त नवरात्रि में विधि-विधान से पूजा करता है तो उसे सुख-सौभाग्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार रावण के पुत्र मेघनाथ ने गुप्त नवरात्रि में साधना कर इंद्र देवता को हराया था.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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