Gupt Navratri Vrat Katha Read Story Related To Gupt Navratri 2023
Gupt Navratri Vrat Katha: यहां पढ़ें गुप्त नवरात्रि से जुड़ी यह पौराणिक कथा, इसमें छिपे हैं कई रहस्य
Gupt Navratri Vrat Katha: आमतौर पर व्रत के दिन कथा पढ़ना अनिवार्य माना गया है. लेकिन गुप्त नवरात्रि की कथा के पीछे कुछ पौराणिक रहस्य छिपे हुए हैं जिनके बारे में हर कोई जानना चाहता है.
Gupt Navratri Vrat Katha: आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होती है. जो कि इस बार 19 जून 2023, सोमवार के दिन शुरू हो रहे हैं. गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरुपों के साथ ही 10 महाविद्याओं का भी पूजन किया जाता है. खासतौर पर गुप्त नवरात्रि की पूजा तांत्रिक करते हैं ताकि मां दुर्गा उन्हें तंत्र-मंत्र की विद्या प्रदान करें. गुप्त नवरात्रि से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पौराणिक कथा काफी प्रचलित है. यहां पढ़ें गुप्त नवरात्रि की कथा.
गुप्त नवरात्रि कथा
पौराणिक कथ के अनुसार एक बार ऋषि श्रृंगी भक्तजनों को दर्शन दे रहे थे और तभी अचानक भीड़ से एक स्त्री निकलकर आई. वह स्त्री ने करबद्ध होकर ऋषि श्रृंगी से बोली कि मेरे पति दुर्व्यसनों से सदा घिरे रहते हैं जिस कारण मैं कोई पूजा-पाठ नहीं कर पाती. ना ही धर्म और भक्ति से जुड़ा कोई कार्य कर पाती. उस स्त्री ने बताया कि मेरा पति मांसाहारी हैं, जुआरी है, लेकिन मैं मां दुर्गा की सेवा करना चाहती हूं, उनकी भक्ति-साधना से अपने और परिवार के जीवन को सफल बनाना चाहती हूं. ऋषि श्रृंगी महिला के भक्तिभाव से बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने उस स्त्री को आदरपूर्वक उपाय बताते हुए कहा कि वासंतिक और शारदीय नवरात्रों से तो आम जनमानस परिचित है, लेकिन इसके अतिरिक्त 2 नवरात्रि और भी होते हैं जिन्हें ‘गुप्त नवरात्रि’ कहा जाता है.
उन्होंने कहा कि प्रकट नवरात्रों में 9 देवियों की उपासना होती है और गुप्त नवरात्रों में 10 महाविद्याओं की साधना की जाती है. इन नवरात्रों की प्रमुख देवी स्वरूप का नाम सर्वैश्वर्यकारिणी देवी है. यदि इन गुप्त नवरात्रि में कोई भी भक्त माता दुर्गा की पूजा-साधना करता है, तो मां उसके जीवन को सफल कर देती हैं.
ऋषि श्रृंगी ने आगे कहा कि लोभी, कामी, व्यसनी, मांसाहारी अथवा पूजा-पाठ न कर सकने वाला भी यदि गुप्त नवरात्रों में माता की पूजा करता है, तो उसे जीवन में कुछ और करने की आवश्यकता ही नहीं रहती. उस स्त्री ने ऋषि श्रृंगी के वचनों पर पूर्ण श्रद्धा करते हुए गुप्त नवरात्रि की पूजा की. मां उस पर प्रसन्न हुईं और उस स्त्री के जीवन में परिवर्तन आने लगा. उसके घर में सुख-शांति आ गई और पति भी गलत रास्ते से सही रास्ते पर आ गया.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
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