Guru Gobind Singh Jayanti 2020: गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्मोत्सव हर साल धूमधाम से मनाया जाता है. पर उनके बारे में आप कितना जानते हैं? Also Read - Guru Gobind Singh Jayanti: ये हैं गुरु गोविंद सिंह जी के 5 'ककार', यहां जानें इनके बारे में

आज हम आपको उनके बारे में वो बातें बताने जा रहे हैं जिससे शायद ही आप वाकिफ हों. Also Read - PM मोदी ने गुरु गोविंद सिंह को नमन किया, बोले- उनके साहस और बलिदान को भी याद करते हैं

Guru Gobind Singh
– गुरु गोबिंद सिंह जी (Guru Gobind Singh) सिखों के दसवें गुरु थे. उनका जन्म पटना साहिब में हुआ था. Also Read - Guru Gobind Singh Jayanti 2020: प्रकाशोत्‍सव पर भेजें ये Message, Greetings, दें शुभकामनाएं...

Guru Gobind Singh Jayanti 2020: प्रकाशोत्‍सव पर भेजें ये Message, Greetings, दें शुभकामनाएं…

– गुरु गोबिंद सिंह को अदम्‍य साहस, सैन्य क्षमता के लिए जाना जाता है. उनके पिता गुरु तेग बहादुर की मृत्यु के बाद वे गुरु बने.

– उन्होंने अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा में बिताया.

– गुरु गोबिंद सिंह ने ही सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब (Guru Granth Sahib) को पूरा किया.

– गुरु गोबिंद सिंह जी ने गुरु प्रथा को समाप्त किया. इसके बाद गुरु ग्रंथ साहिब की पूजा की जाने लगी.

– गोबिंद सिंह जी ने खालसा वाणी – “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह” भी दी.

– खालसा पंथ की की रक्षा के लिए गुरु गोबिंग सिंह जी मुगलों और उनके सहयोगियों से कई बार लड़े.

– खालसा पंथ की स्थापना गुरु गोबिन्द सिंह जी ने 1699 को बैसाखी वाले दिन आनंदपुर साहिब में की.

– उन्होंने खालसा को पांच सिद्धांत दिए, जिन्‍हें ‘पांच ककार’ कहा जाता है. पांच ककार का मतलब ‘क’ शब्द से शुरू होने वाली उन 5 चीजों से है, जिन्हें गुरु गोबिंद सिंह के सिद्धांतों के अनुसार सिखों को धारण करना होता है.

– गुरु गोविंद सिंह ने सिखों के लिए पांच चीजें अनिवार्य की थीं- ‘केश’, ‘कड़ा’, ‘कृपाण’, ‘कंघा’ और ‘कच्छा’. इनके बिना खालसा वेश पूर्ण नहीं माना जाता.

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