Guru Nanak Death Anniversary: आज गुरु नानक देव जी ने प्राणों का त्याग किया था. 70 साल की उम्र में करतारपुर में वे प्रकाश में समा गए थे.Also Read - Guru Nanak 551st Birth Anniversary: गुरु नानक की 551वीं जयंती पर भारत से सिखों का जत्था जाएगा ननकाना साहिब

आज इस मौके पर आप भी जानें गुरु नानक देव जी के बारे में खास बातें. Also Read - करतारपुर जाने वाले सर्वदलीय जत्थे में शामिल होंगे मनमोहन सिंह : अमरिंदर सिंह

– नानक देव जी का जन्म रावी नदी के किनारे स्थित तलवंडी नामक गांव खत्रीकुल में हुआ था. उनके पिता का नाम मेहता कालू और माता का नाम तृप्ता देवी था. Also Read - पीएम मोदी ने देश से की 'मन की बात', कहा- श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संदेश को याद रखना जरूरी

– नानक देव की जी एक बहन भी थी. जिसका नाम नानकी था.

– गुरु नानक के बचपन से ही दिव्य व्यक्तित्व माना जाने लगा था.

– गुरु नानक बचपन से ही आध्यात्मिक चिंतन और सत्संग में बिताते थे.

– उनका विवाह भी हुआ था. 1487 में माता सुलखनी से.

– गुरु नानक देव जी के दो पुत्र हुए. इनका नाम था श्रीचन्द और लक्ष्मीचन्द.

– वे हमेशा कहते थे, किसी भी तरह के लोभ को त्याग कर अपने हाथों से मेहनत कर और न्यायोचित तरीकों से धन का अर्जन करना चाहिए.

– गुरु नानक देव जी के अनुसार, धन को जेब तक ही सीमित रखना चाहिए. उसे अपने हृदय में स्थान नहीं बनाने देना चाहिए अन्यथा नुकसान हमारा ही होता है.

– गुरु नानक देव पूरे संसार को एक घर मानते थे और संसार में रहने वाले लोगों को परिवार का हिस्सा.

– उन्होंने ही ‘इक ओंकार’ का वह नारा दिया, जिसमें उन्होंने ईश्वर एक है की शिक्षा दी, उन्होंने कहा ईश्वर सभी जगह मौजूद है, हम सबका “पिता” वही है इसलिए सबके साथ प्रेमपूर्वक रहना चाहिए.