इस साल पूर्ण चंद्रग्रहण के साथ ही गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा. गुरु पूर्णिमा 27 जुलाई को है. हिन्दू कैलेंडर के अनुसार सका संवत के दिन यह पर्व मनाया जाएगा. हर साल हिन्दू, बौद्ध और जैन इस त्योहार को मनाते हैं. गुरु पूर्णिमा के दिन लोग अपने गुरु की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं. गुरु की दी गई शिक्षा के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं. Also Read - Coronavirus Vaccination: इस देश ने कोविड-19 के लिए भारत में बनी एस्ट्राजेनेका के टीके को दी मंजूरी

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‘गुरु’ शब्द संस्कृत के दो शब्दों ‘गू’ और ‘रू’ से बना है. ‘गू’ का अर्थ होता है अंधेरा या अज्ञानता और ‘रू’ का तात्पर्य है ‘निवारण’. यानी गुरु का अर्थ हुआ एक ऐसा व्यक्ति जो अज्ञानता रूपी अंधकार को जीवन से मिटा दे. गुरु पूर्णिमा के दिन लोग अपने गुरु की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं. भारत में इस पर्व का खास महत्व है. नेपाल में गुरु पूर्णिमा के दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है और इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है.

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परंपरागत तौर पर बुद्ध को मानने वाले इस पर्व को भगवान बुद्ध की याद में मनाते हैं. माना जाता है कि वाराणसी के सारनाथ में उन्होंने अपने शिष्यों को पहला उपदेश दिया था. भगवान शिव को दुनिया का पहला गुरु माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि भगवान शंकर ने सप्तऋषि को योग सिखाया था.

आज के दिन ऋषि पराशारा और सत्यवती के घर महाभारत के रचयिता कृष्णा-द्विपयण व्यास का जन्म हुआ था. इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं. ऋषि व्यास सभी वैदिक स्तोत्र को इकट्ठा कर वैदिक अध्ययन करते थे और बाद में उन्हें संस्कार व अभिलक्षण के आधार पर चार हिस्सों में बांट दिया. इसे ही ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद का नाम दिया गया.

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भारते के साथ-साथ यह पर्व नेपाल में भी मनाया जाता है. इस दिन भक्त अपने अध्यात्मिक गुरु की पूजा करते हैं और उन्हें उपहार देते हैं. इस दिन लोग मंदिर में जाकर अपने उपासक की आराधना करते हैं. अधिकांश लोग इस दिन फास्ट रखते हैं. इस दिन ताजे फल और दही खाई जाती है. आश्रमों में छात्र अपने गुरु की पूजा करते हैं.

इस दिन मंदिरों में चरण अमृत (फल और मीठी दही) प्रसाद के रूप में दी जाती है. अधिकांश घरों में भी इस दिन यही चीजें खाई जाती हैं. इसके अलावा पूरी, हलवा, खिचड़ी, छोले लड्डू, बर्फी, गुलाब जामुन बनती है.

पूर्णिमा तिथि कब शुरू होगी : 26 जुलाई, 2018 को रात 11:16 pm बजे पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी.

पूर्णिमा तिथि कब समाप्त होगी : 28 जुलाई 2018 को सुबह 1:50 am बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त हो जाएगी.