Chhath Puja 2019 महापर्व इस साल 31 अक्‍टूबर से नहाय-खाय से शुरू हो रहा है. इस महापर्व पर करोड़ों श्रद्धालु व्रत करते हैं. इसलिए इसे महापर्व भी कहा जाता है.

छठ पर्व सूर्य पूजन का व्रत है. चार दिनों तक सूर्य की उपासना की जाती है और उनकी कृपा का वरदान मांगा जाता है. छठ का व्रत जीवन में सुख और समृद्ध‍ि के लिए और संतान व पति की लंबी आयु के लिए किया जाता है.

Chhath Puja 2019: जानें छठ पूजा महत्‍व, कैसे हुई थी इस महापर्व की शुरुआत…

छठ पूजा के मौके पर लोग एक-दूसरे को बधाई संदेश भेजते हैं. अगर आप भी ऐसे ही संदेश भेजना चाहते हैं तो नीचे देख सकते हैं-

दिवाली के ठीक 6 दिन बाद कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी को सूर्य षष्ठी का व्रत करने का विधान है.

इस दिन भगवान सूर्य और छठी देवी की पूजा की जाती है.

व्रतधारी लगातार 36 घंटे तक व्रत रखते हैं. इस दौरान वे पानी तक नहीं पीते हैं.

छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है. इस बार ये 31 अक्‍टूबर को है. मान्यता है कि इस दिन व्रती स्नान आदि कर नए वस्त्र धारण करते हैं. इसके अलावा लोग शाकाहारी भोजन गृहण करते हैं.

खरना.. नहाय खाय के दूसरे दिन होता है, जो कार्तिक शुक्ल की पंचमी तिथि होती है. खरना इसलिए खास है क्‍योंकि इस दिन व्रतधारी दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को भगवान को भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करते हैं.

छठ का पहला अर्घ्य षष्ठी तिथि को दिया जाता है. यह अर्घ्य अस्ताचलगामी सूर्य को दिया जाता है.

छठ पर्व के अंतिम दिन सुबह के समय सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है. चौथे दिन कार्तिक शुक्ल सप्तमी की सुबह उदियमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है.

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