ओणम का त्‍योहार दक्षिण भारत में खासकर केरल में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. ओणम को खासतौर पर खेतों में फसल की अच्छी उपज के लिए मनाया जाता है. ये पर्व 22 अगस्त से शुरु हो चुका है और ये पर्व पूरे 10 दिन तक चलेगा. यह त्यौहार समाज में समरसता की भवान.प्रे और भाईचारे का संदेश देता है. Also Read - साउथ स्टार नयनतारा ने बॉयफ्रेंड विग्नेश शिवन के साथ करवाया फोटोशूट, भुला दिया 'प्रभु' का प्यार!

इस बार कोरोना वायरस के कारण ओणम के त्योहार की चमक फीकी पड़ गई हैं। यह त्योहार बहुत ही खास होता है। इस दिन मंदिरों में पूजा-अर्चना नहीं की जाती है बल्कि घर पर रहकर लोग पूजा करते हैं. इस पर्व को मनाने के पीछे एक कथा है जो काफी मशहूर है जानें क्या है इसकी कहानी. Also Read - Happy Onam 2020: असुरों के राजा बलि से जुड़ा है ओणम का त्योहार, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

जानें क्या है इसकी कहानी
इस पर्व के पीछे कथा है की केरल में महाबली नाम का एक असुर राजा था जिसके आदर के लिए यह ओणम पर्व मनाते हैं. इसके साथ ही लोग नई फसल की उपज के लिए भी इस पर्व का जश्म मनाते हैं. इस पर्व के दौरान सर्प नौका दौड़ के साथ कथकली नृत्य का आयोजन होता है जिसका अंदाज बेहद खास होता है. Also Read - Onam 2019: ओणम साध्या थाली के बारे में कितना जानते हैं आप? पढ़कर मुंह में पानी आ जाएगा...

10 दिनों तक मनाया जाता है पर्व
केरल में ओणम का त्योहार 10 दिनों तक चलता है, इस दिन घरों में ही पूजा की जाती है. घर के अंदर फूल-ग्रह बनाया जाता है. इसके लिए एक साफ कमरे में सर्कल में फूल सजाए जाते हैं, जिसे लगातार 8 दिन तक सजाया जाता है. वहीं नौंवे दिन घर के अंदर भगवान विष्णु की मूर्ति रखी जाती है. जिसकी पूजा में घर के लोग मौजूद होते हैं और लोग गीत गाते हैं. इसके साथ ही रात में समय श्रावण देवता और गणपति की पूजा होती है और 10वें दिन मूर्ति को विसर्जन कर दिया जाता है.

ओणम शुभ मुहूर्त
ओणम महोत्सव का प्रारंभ- 21 अगस्त, शुक्रवार थिरुवोणम नक्षत्र आरम्भ- अगस्त 30, 2020 को दोपहर 01 बजकर 52 मिनट से थिरुवोणम नक्षत्र समाप्त- अगस्त 31, 2020 को दोपहर 03 बजकर 04 मिनट तक ओणम महोत्सव का अंतिम दिन- 2 सितंबर, बुधवार