पूरी दुनिया में पारसी समुदाय नया साल मना रहा है. इसे नवरोज के नाम से भी जाना जाता है. यह ईरानी नववर्ष का नाम है. यह पर्व प्रकृति प्रेम का उत्सव है. प्राचीन परंपराओं व संस्कारों के साथ नौरोज का उत्सव न केवल ईरान में बल्कि कुछ पड़ोसी देशों में भी मनाया जाता है. भारत में पारसी समुदाय भी इसे नए साल की शुरुआत के रूप में मनाते हैं. यह ईरानी कैलेंडर के पहले महीने (फारवर्दिन) का पहला दिन भी है. यह उत्सव, मनुष्य के पुनर्जीवन और उसके हृदय में परिवर्तन के साथ प्रकृति की स्वच्छ आत्मा में चेतना व निखार पर बल देता है. Also Read - Happy Parsi New Year 2018: यहां से Save करें Quotes, WhatsApp Messages, Greetings, विश करें Happy Navroz

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नवरोज अतीत पर दृष्टि डालने और आने वाले जीवन को उत्साह व खुशियों से भर अनुभव से जारी रखने का नाम है. प्रकृति की हरियाली और हरी भरी पत्तियों से वृक्षों का श्रंगार, नए व उज्जवल भविष्य का संदेश सुनाती है. इस अवसर पर प्रचलित बेहतरीन परंपराओं में से एक है सगे संबंधियों से भेंट नवरोज को सगे संबंधियों से भेंट और अपने दिल की बात बयान करने का बेहतरीन अवसर माना जाता है जो परिवारों के मध्य लोगों के संबंधों को अधिक सृदृढ़ करता है. Also Read - 'Navroz' Mubarak Google celebrates Iranian New Year with colourful Doodle

Parsi New Year

प्रचलन है कि सबसे पहले परिवार के सबसे बड़े सदस्य के यहां जाते हैं और उन्हें नववर्ष की बधाई देते हैं. उसके बाद परिवार के बड़े सदस्य अन्य लोगों के यहां बधाई के लिए जाते हैं. पारसी समुदाय के नववर्ष को कई नामों से जाना जाता है जैसे, जमशेदी नवरोज, नवरोज और पतेती. पारसी समुदाय को दुनियाभर में सबसे अल्पसंख्यक समुदाय माना जाता है.

Parsi New Year

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को पारसी नव वर्ष की पूर्व संध्या पर देशवासियों को बधाई दी. राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि त्योहार लोगों में मेलजोल, सौहार्द व सद्भावना को मजबूत करे. राष्ट्रपति ने कहा कि पारसी नववर्ष के पावन अवसर पर, मैं सभी देशवासियों, विशेषकर अपने सभी पारसी भाइयों और बहनों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं. यह विशेष पर्व सभी लोगों के जीवन में शांति और समृद्धि लाए तथा सभी के प्रति मेलजोल, सौहार्द तथा सद्भावना की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करे, ऐसी मेरी कामना है.