Hariyali Teej 2018: सुहागिनों का त्‍योहार हर‍ियाली तीज सोमवार 13 अगस्‍त 2018 को है. इस द‍िन मह‍िलाएं अपनी पत‍ि की लंबी उम्र के लि‍ए मां पार्वती और भगवान शंकर की पूजा करती हैं और व्रत रखती हैं.

सोमवार सुबह 08:36 से हर‍ियाली तीज का मुहूर्त शुरू होगा. इसका समापन 14 अगस्त 2018, मंगलवार को सुबह 05:45 पर हो जाएगा.

हरियाली तीज का महत्‍व

श्रावण शुक्‍ल पक्ष की तृतीया तिथि को सौभाग्‍य और मनचाहे वर की प्राप्‍त‍ि के लिए तीज मनाई जाती है. चुकी यह पर्व सावन महीने में आता है और सावन में चारो तरफ हरियाली होती है, इसलिए इसे हरियाली तीज कहते हैं. ऐसी मान्‍यता है कि इसी दिन मां पार्वती ने भगवान शंकर को अपनी कठोर तपस्‍या से प्राप्‍त किया था.

हरियाली तीज के दिन वृक्ष, नदियों और जल के देवता वरुण देव की भी उपासना इसी दिन की जाती है. ये त्‍योहार अच्‍छे और मनचाहे वर की प्राप्‍त‍ि का है.

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इसलिए जिन कन्‍याओं का विवाह नहीं हो रहा है या बार-बार रिश्‍ता टूट जाता है उनके लिए हरियाली तीज का व्रत करने और पूजन करने का विशेष महत्‍व है.

जिन महिलाओं की शादी हो चुकी है उन्‍हें भगवान शंकर और मां पार्वती की संयुक्‍त रूप से पूजा करनी चाहिए ताकि उनका वैवाहिक जीवन सुखद हो.

इस बार हरियाली तीज का त्‍योहार 13 अगस्‍त को मनाया जा रहा है.

व्रत एवं पूजन विधि

सुबह स्‍नान कर, नये या साफ वस्‍त्र धारण करें और श्रृंगार कर मां पार्वती और भगवान शंकर की पूजा करें. हरियाली तीज के दिन पूरे दिन उपवास रखना चाहिए और श्रृंगार करना चाहिए. श्रृंगार में मेहंदी और चूड़ियों का प्रयोग जरूर करें.

शाम को शिव मंदिर जाकर भगवान शिव और मां पार्वती की उपासना करनी चाहिए, वहां पर घी का दीपक जलाएं. संभव हो तो मां पार्वती और भगवान शंकर के मंत्रों का जाप भी करना चाहिए. हर‍ियाली तीज की कथा सुनें. पूजा के बाद किसी सौभाग्‍यवती स्‍त्री को सुहाग की वस्‍तुएं दान करें. सौभाग्‍यवती स्‍त्री के चरण छूएं और उनका आशीर्वाद लें.

इस दिन काले और सफेद वस्‍त्रों का प्रयोग ना करें. हरा और लाल रंग सबसे शुभ होता है.

मह‍िलाएं इस बात का ध्‍यान रखें क‍ि मंगलवार के द‍िन श्रृंगार की समाग्री खरीदने से बचना चाह‍िए. इससे वैवाह‍िक जीवन में समस्‍या आ जाती है.