Hartalika Teej 2018: आज देशभर मेंं हरतालिका तीज का त्योहार मनाया जा रहा है. हरतालिका तीज के दिन महिलाएं अपने सुहाग की लंबी उम्र की कामना करती हैं. यह व्रत 24 घंटे का होता है और इस दौरान भोजन तथा जल ग्रहण नहीं किया जाता. भादो मास के शुक्लपक्ष की तृतीया को मनाया जाने वाला हरतालिका तीज का पर्व बहुत ही नियमों के साथ मनाया जाता है. इस दिन मां पार्वती, भगवान शंकर और भगवान गणेश की पूजा की जाती है. बता दें कि हरतालिका तीज की पूजा शाम 4:07 बजे तक ही होगी. क्योंकि इसके बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी. Also Read - Hartalika Teej 2020: माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए रखा था तीज का व्रत, ऐसे मिला था अखंड सुहाग का वरदान, जानें इसकी कथा

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हरतालिका तीज में जिन सामग्रियों की आवश्यकता होती है, उसकी एक सूची यहां दी गई है, देखिए:

– नारियल पानी वाला

– जनेऊ दो

– पान पत्ते

– धतूरा

– बेलपत्र

– मदार का फूल

– गेंदे के फूल की माला

– गुलाब का फूल

– पंचामृत जरूर बनाएं. क्योंकि भोलेनाथ का इस दिन अभिषेक करना पड़ता है.

– अगर आप मिट्टी के शिवजी बनाते हैं तो पीली मिट्टी जरूर ले आइये. अगर मिट्टी उपलब्ध नहीं है तो आप शिवजी और माता पार्वती की बनी बनाई मिट्टी की मूर्ति बाजार से लाकर स्थापित कर सकते हैं.

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– 5 मौसमी फल

– गुझिया का प्रसाद जरूर बनाएं.

– मिस्ठान

– माता पार्वती के लिए हाथों से गहने बनाए जाते हैं, बेसन का आटा लगाकर, गले का हार, कान के बूंदे, कंगन आदि बनाया जाता है और मैदे के आटे से पैर की पायल, बिछुआ, कमरधनी आदि बनाया जाता है.

– रोली, मोली, धागा, भस्म, अगरबत्ती, दीप, व्रस्त्र, इत्र आदि जो भी पूजा का सामान होता है वह भी ले आएं.

– सुहाग की पिटारी

– ब्राह्मणी और ब्राह्मण को दान के लिए यथा शक्ति कोई भी वस्त्र ले आएं.

– नारियल के पत्ते, हल्दी की गांठ, आम के पत्ते, पान सुपारी, लाल कपड़ा.

– अगर घर में पूजा कर रहे हैं तो शाम से पहले यह तैयारी कर लें और पूजा के स्थान को अच्छी तरह सजा लें.

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