Hartalika Teej का व्रत पति की लंबी उम्र की कामना से किया जाता है. ये व्रत उत्‍तरी भारत में खसतौर पर किया जाता है. पर क्‍या आप जानते हैं कि ये व्रत नेपाल में भी उतनी ही धूमधाम से किया जाता है जितना भारत में.

आज हरतालिका तीज के मौके पर नेपाल से हजारों महिलाओं की तस्‍वीरें सामने आई हैं. ये सभी 16 श्रृंगार किए भगवान शिव-मां पार्वती के दर्शनों के लिए यहां पहुंची थीं.

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गौरतलब है कि नेपाल में महिलाएं हरतालिका तीज को बड़े धूमधाम से मनाती हैं. शाम को शिव मंदिरों में पहुंचकर नृत्‍य, संगीत के साथ व्रत करती हैं.

पशुपतिनाथ मंदिर
नेपाल के काठमांडू में स्थित भगवान शिव का मंदिर है. इस मंदिर परिसर के बारे में कहा जाता है क‍ि यहां केवल हिन्दू जा सकते हैं. यह मंदिर नेपाल में भगवान शिव के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है.

नेपाल में व्रत नियम

नेपाल में हरतालिका व्रत रखने वाली महिलाएं इन नियमों का पालन करती हैं-

– एक बार तीज का व्रत रखना शुरू कर दिया तो हर साल करना होगा. जब तक पति जीवित है तब तक इस व्रत को करना अनिवार्य हो जाता है.

– बिना अन्न और जल ग्रहण किए इस व्रत को रखा जाता है. पूरे दिन महिलाएं पानी तक नहीं पीती. अगले दिन सूर्योदय के पश्‍चात ही इस व्रत का पारण होता है.

– इसे विवाहित महिलाएं और अविवाहित युवतियां, दोनों रख सकती हैं.

– इस व्रत को रखने वाली महिला, मां पार्वती और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करती हैं.

– पूजा के दौरान मां पार्वती को सुहाग की सभी सामग्रियां अर्पित की जाती हैं.

– भगवान शिव को भी वस्त्र अर्पित करने की परंपरा है, वस्त्र में धोती या फिर अंगौछा चढ़ाया जाता है. चाहे तो दोनों भी चढ़ा सकते हैं.

– पूजा के बाद सुहाग की समाग्री किसी जरूरतमंद व्यक्ति या मंदिर के पुरोहित को दान की जाती है. दान से पहले सास के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया जाता है.