नई दिल्‍ली: आपने भगवान शिव का मंदिर और विष्‍णु भगवान या मां दुर्गा के तो कई मंदिर देखें होंगे लेकिन क्‍या आपने कभी सास-बहू का मंदिर देखा है? शायद नहीं. क्‍योंकि ज्‍यादातर लोगों ने तो सोचा भी नहीं होगा कि सास-बहू का कोई मंदिर भी हो सकता है. मगर यह एकदम सच बात है. सास-बहू का मंदिर राजस्थान में उदयपुर के प्रसिद्ध ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों में से एक है.

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मंदिर की यह है खासियत
बहू का मंदिर, जो सास के मंदिर से थोड़ा छोटा है, में एक अष्टकोणीय आठ नक़्क़ाशीदार महिलाओं से सजायी गई छत है. एक मेहराब सास मंदिर के सामने स्थित है. मंदिर की दीवारों को रामायण महाकाव्य की विभिन्न घटनाओं के साथ सजाया गया है. मूर्तियों को दो चरणों में इस तरह से व्यवस्थित किया गया है कि एक-दूसरे को घेरे रहती हैं. मंदिर में भगवान ब्रह्मा, शिव और विष्णु की छवियाँ एक मंच पर खुदी हैं और दूसरे मंच पर राम, बलराम और परशुराम के चित्र हैं.

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10वीं सदी का बना है मंदिर
10वीं सदी में निर्मित सास-बहू मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है. यह नागदा ग्राम में राष्ट्रीय राजमार्ग 8 पर उदयपुर से 23 कि.मी. की दूरी पर स्थित है. मंदिर दो संरचनाओं का बना है, उनमें से एक ‘सास’ द्वारा और एक ‘बहू’ के द्वारा बनाया गया है. मंदिर में प्रवेश द्वार, नक़्क़ाशीदार छत और बीच में कई खांचों वाली मेहराब हैं. एक वेदी, एक मंडप (स्तंभ प्रार्थना हॉल), और एक पोर्च मंदिर के दोनों संरचनाओं की सामान्य विशेषताएं हैं.

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मेवाड़ से सम्बंध
उदयपुर से मात्र 28 किलोमीटर की दूरी पर है जगप्रसिद्ध ‘एकलिंगजी का मंदिर’. इस मंदिर से थोड़ा पहले ही, कच्चे रास्ते पर खड़े हैं वास्तुकला के बेजोड़ नमूने सास-बहू के मंदिर. इन्हीं मंदिरों के आसपास कभी मेवाड़ राजवंश की स्थापना हुई थी. इनकी पहली राजधानी नागदा थी. नागदा के वैभव की याद दिलाने में ये सास-बहू के मंदिर आज भी सक्षम हैं. मेवाड़ राज्य के संस्थापक बप्पा रावल ने अपना प्रारंभिक जीवन यहीं नागदा में व्यतीत किया था. मेवाड़ की यह प्राचीन राजधानी नागदा तो अब ध्वस्त हो चुकी है, लेकिन किसी तरह से यहां सास-बहू मंदिर बचे रह गए हैं. इन मंदिरों और नागदा के ध्वंसावशेष के आधार पर यह कहना अतिश्योक्तिपूर्ण नहीं होगा कि यहां कभी उत्कृष्ट कला का विकास हुआ था. मेवाड़ राज्य अपनी स्थापना से ही दिल्ली पर राज्य करने वालों को चुभता रहा था. दिल्ली के तत्कालीन सुल्तान शम्सुद्दीन अल्तमश ने तो इस पर आक्रमण कर इसे ध्वस्त ही कर डाला.

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