हिंदू मान्‍यता के अनुसार, होली (Holi) से कुछ दिन पहले के समय को शुभ नहीं माना जाता. इसे होलाष्‍टक (Holashtak) कहा जाता है. Also Read - टमाटर, फूल तो कहीं गुलाल बरसाकर मनाई जा रही होली, राष्ट्रपति, पीएम मोदी और राहुल गांधी ने दी बधाई

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Holashtak 2019 Date
इस साल होलाष्टक 13 मार्च, बुधवार से शुरू होगा. 13 मार्च से 20 मार्च तक के समय में होलाष्‍टक रहेगा. 20 मार्च को होलिका दहन के साथ ये समाप्‍त होगा. इन दिनों में सभी तरह के शुभ कार्य वर्जित होते हैं. Also Read - Holi 2019: मथुरा के इस गांव में ऊंची-ऊंची लपटों से होकर निकलेगा यह शख्‍स, जानिए क्‍या है यहां की मान्‍यता

क्यों माना जाता है अशुभ
मान्यता है कि भक्त प्रह्लाद की नारायण भक्ति से क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने होली से पहले आठ दिनों में उन्हें कई तरह के कष्ट दिए थे. तभी से इन आठ दिनों को हिंदू धर्म में अशुभ माना गया है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन 8 दिनों में ग्रह अपना स्थान बदलते हैं. ग्रहों के बदलाव की वजह से होलाष्टक के दौरान कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता.

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क्या करें
शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक के दिनों में जो व्रत किए जाते हैं उनसे भगवान की कृपा मिलती है. अगर व्रत नहीं कर सकते तो इस समय में दान देना चाहिए. आप वस्त्र, अनाज और अपने इच्छानुसार धन का दान कर सकते हैं.

क्‍या ना करें
शुभ कार्य करने की मनाही होती है. इस समय में विवाह, गृह प्रवेश, निर्माण, नामकरण आदि शुभ कार्य वर्जित होते हैं. नए काम भी शुरू नहीं किए जाते.

क्‍यों है मनाही
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन दिनों में जो कार्य किए जाते हैं उनस कष्ट, पीड़ा आती है. विवाह आदि किए जाएं तो भविष्‍य में संबंध विच्छेद, कलह का शिकार होते हैं.

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