Holika Dahan Puja Samagri List: होलिका दहन की पूजा में कौन-सी चीजें होती हैं सबसे जरूरी? यहां देखें पूजा सामग्री की लिस्ट

Holika Dahan Puja Samagri List: होलिका दहन का पर्व केवल एक त्योहार नहीं, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. ये पर्व लोगों को अपने भीतर मौजूद बुराईयों का अंत करने की प्रेरणा देता है.

Published date india.com Updated: March 2, 2026 1:33 PM IST
Holika Dahan Puja Samagri List: होलिका दहन की पूजा में कौन-सी चीजें होती हैं सबसे जरूरी? यहां देखें पूजा सामग्री की लिस्ट
Holika Dahan 2026

Holika Dahan 2026 Puja Samagri List in Hindi: हिंदू धर्म में होलिका दहन का पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है और इस दिन विधि-विधान से होलिका का पूजन करने के बाद शाम के समय होलिका दहन किया जाता है. यह पर्व हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि के दिन मनाया जाता है जो कि इस साल 3 मार्च 2026 को पड़ रही है. लेकिन इसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है और इसलिए 3 मार्च की बजाय 2 मार्च को होलिका दहन का पर्व मनाया जाएगा. कहते हैं ​कि होलिका दहन का विधि-विधान से पूजन करने से घर में मौजूद निगेटिविटी दूर होती है और सुख-समृद्धि आती है. साथ ही दुख-दरिद्रता से भी छुटकारा मिलता है. होलिका दहन की पूजा में सबसे महत्वपूर्ण होती है पूजा की सामग्री. क्योंकि अगर सामग्री में कोई कमी रह जाए तो पूजा अधूरी मानी जाती है. ऐसे में यहां नोट करें होलिका दहन की सामग्री और जानें पूजा की सही विधि.

होलिका दहन पूजन सामग्री (Holika Dahan Puja Samagri List)

होलिका दहन के दिन घर के पास किसी चौराहे पर या मंदिर के पास लकड़ी व उपले से होलिका बनाई जाती है. फिर घर की महिलाएं होलिका का विधि-विधान से पूजन करती हैं. इस दौरान पूजा में कच्चा सूत, जल का लोटा, गुलाल, मीठे पकवान या फल गाय के गोबर से बनी होलिका या उपले, रोली, बताशे, गेंहू की बालियां, साबुत हल्‍दी और फूल आदि शामिल होते हैं.

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ऐसे करें होलिका दहन की पूजा

होलिका दहन की पूजा करते समय सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि इस यह पूजा बाल खोलकर की जाती है. घर की सभी महिलाएं मिलकर यह पूजा करती हैं. पूजा की सभी सामग्री लेकर होलिका दहन के लिए जाएं और वहां सबसे पहले जल अर्पित करें और जल अर्पित करते समय 7 परिक्रमा लगाएं. इसके साथ होलिका पर कच्चा सूत बांधें. फिर गाय के गोबर से बनी होलिका या फिर उपले अर्पित करें. इसके बाद हल्दी, गुलाल और फूल अर्पित करें.

इसके बाद बताशे व पकवान का भोग लगाएं और गेंहू की बालियां अर्पित करें. पूजा सम्पन्न होने के बाद अपने से बड़ों के पैर छुएं और उनसे आशीर्वाद लें. इसके बाद अनाज का दान करें और ब्राह्म्ण को भोजन कराएं. इसे शुभ माना जाता है और कहते हैं इससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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