Lunar Eclpise 2018: सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण शुक्रवार रात 11.54 बजे लग गया. यह ग्रहण 15 साल में मंगल ग्रह के सबसे करीब आया. आज का पूरा चंद्रग्रहण अपेक्षाकृत अलग दुर्लभ खगोलीय घटना है. यह खगोलीय दृश्य भारत के हर हिस्से से पूरी तरह दिखाई पड़ा. पूरा चंद्रग्रहण एक घंटे 43 मिनट के इस ग्रहण को सदी का सबसे बड़ा पूर्ण ग्रहण बताया जा रहा है. Also Read - Chandra Grahan 2020: लाख गुणों से भरपूर है तुलसी का पौधा, जानें ग्रहण में इसके चमत्कारिक प्रभाव

ग्रहण के दौरान लोग इसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए मान्यताओं के अनुरूप कई तरीके अपनाते हैं. वैसे ही ग्रहण के बाद भी कई तरीके अपनाने की मान्यता या यूं कह लें परंपरा है. इसके पीछे तर्क दिया जाता है कि ग्रहण के बुरे प्रभाव को खत्म करने के लिए कुछ उपाय किए जाते हैं. आइए जानते हैं कौन-कौन से उपाय करने चाहिए. Also Read - Chandra Grahan 2020: यहां देखें अपनी राशि अनुसार मंत्र जिनके जाप से खत्म होगा उपछाया चंद्रग्रहण का दुष्प्रभाव

> ग्रहण के दौरान किसी भी काम को करने से पहले सबसे ज्यादा नहाना जरूरी है. गंगाजल से नहाना ज्यादा बेहतर माना जाता है.
> मान्यता है कि ग्रहण के बाद घर के मंदिर में सफाई करनी चाहिए और मूर्तियों पर गंगाजल छिड़कना चाहिए.
> घर की साफ-सफाई करनी चाहिए. धूप-बत्ती दिखा शुद्धी करना चाहिए.
> घर में मौजूद तुलसी के पौधे पर भी गंगाजल छिड़कना चाहिए.
> मन की शुद्धी बहुत जरूरी है. ऐसे में मन की शुद्धी के लिए दान-पुण्य का प्रावधान बनाया गया है.
> शिव मंत्र का जाप करने के लिए भी कहा जाता है.
> पितरों को याद किया जाता है और उनके नाम से किसी भी धार्मिक स्थल पर दान किया जाता है.त Also Read - 2020 में दुनिया को दिखाई देंगे ग्रहण के 6 नजारे, भारत में इतने आएंगे नजर

बता दें कि शुक्रवार देर रात चंद्र ग्रहण लगा. ग्रहण रात 11:54 से शुरू होकर रात 3:49 बजे समाप्त होगा. ग्रहण 103.6 मिनट चला. इससे पहले सूतक 9 घंटे पूर्व दोपहर 2:54 बजे से शुरू हो गया था.