भुवनेश्वर/पुरी: कोरोना वायरस महामारी के चलते नौ महीने तक बंद रहने के बाद पुरी में भगवान जगन्नाथ मंदिर रविवार को खुला और राज्यपाल गणेशी लाल ने बाहर से देवी-देवताओं के दर्शन किये क्योंकि उनके पास प्रवेश के लिए जरूरी कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट नहीं थी.Also Read - Maharashtra Unlock: उद्धव सरकार का बड़ा ऐलान-7 अक्टूबर से खुलेंगे सभी धार्मिक स्थल, स्कूल खोलने की भी इजाजत

राज्यपाल के साथ गये एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल को ‘‘पतीतपावन’’(मंदिर के बाहर से भगवान जगन्नाथ की सांकेतिक मूर्ति देखकर) के दर्शन कर अपने परिवार के सदस्यों एवं कर्मियों के साथ राजधानी लौटना पड़ा क्योंकि उन सभी के पास जरूरी कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट नहीं थी. Also Read - Schools Reopen News: उत्तराखंड में 21 सितंबर से खुल रहे हैं प्राइमरी स्कूल, छोटे बच्चों के लिए गाइडलाइन जारी

एक अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल के प्रवेश पर कोई रोक नहीं थी लेकिन लाल को जब यह पता चला कि मंदिर में प्रवेश से पूर्व श्रद्धालुओं को कोविड-19 निगेटिव रिपेार्ट सौंपनी होती है तो उन्होंने स्वयं ही अंदर जाने से मना कर दिया. वैसे उनके पहुंचने पर श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन एवं पुरी जिला प्रशासन ने स्वागत किया. Also Read - Jagannath Temple Opening Update: इस तिथि से खुल रहा है पुरी का जगन्नाथ मंदिर, जानें दर्शन करने के क्या होंगे नियम

राज्यपाल ने कहा, ‘‘ मैं यहां भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करने आया. हमने ओड़िशा के लोगों के कल्याण के लिए प्रार्थना की और ईश्वर से 2021 के लिए आशीर्वाद मांगा.’’

बारहवीं सदी के इस मंदिर को 23 दिसंबर से चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है. सेवायत और उनके परिवारों को 23-25 दिसंबर के दौरान मंदिर में प्रवेश करने दिया गया. उसके बार पुरी के स्थानीय लोगों को 26 से 31 दिसंबर तक जाने दिया गया. मंदिर एक और दो जनवरी को बंद रहा और फिर रविवार को सभी श्रद्धालुओं के लिए उसे खोल दिया गया.