Jaya Ekadashi 2020: जया एकादशी का हिंदू धर्म में काफी महत्‍व है. इस व्रत को रखने से सभी तरह के कष्‍ट दूर होते हैं. भगवान विष्‍णु को समर्पित ये व्रत इसलिए श्रेष्‍ठ माना गया है क्‍योंकि इस दिन राजा हरिश्‍चंद्र ने व्रत रखकर सभी कठिनाइयों को अपने जीवन से दूर किया था. Also Read - Jaya Ekadashi 2020: जया एकादशी पर करें विष्‍णुप्रिय 'श्री नारायण स्तोत्र' का पाठ, पूरी होगी हर मनोकामना

Jaya Ekadashi 2020 Date

जया एकादशी इस साल 5 फरवरी, बुधवार को है. Also Read - Jaya Ekadashi 2020: राजा हरिश्‍चंद्र ने कष्‍टों से मुक्ति को रखा था ये व्रत, पढ़ें जया एकादशी की पौराणिक व्रत कथा

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जया एकादशी महत्‍व

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक बार युधिष्ठिर ने भगवान श्री कृष्ण से इस एकादशी के महत्व के बारे में पूछा था. तब भगवान ने कहा था कि यह एकादशी, जया एकादशी कहलाती है. इसे बहुत ही पुण्यदायी और फलदायी माना गया है. जो भी जया एकादशी का व्रत करता है, उसे सभी नीच योनि अर्थात भूत, प्रेत, पिशाच की योनि से मुक्ति मिल जाती हैः

जया एकादशी व्रत विधि

सुबह सूर्योदय से पहले उठें. स्नान करें. भगवान विष्‍णु का पूजन करें और व्रत का संकल्‍प लें. पूजा स्थान पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. धूप, दीप, चंदन, फल, तिल, पंचामृत से पूजन करें. दिनभर व्रत रखें और रात के समय भगवत जागरण करें. अगले दिन द्वादशी को पूजा-पाठ के बाद दान करें और पारण करें.

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