Jaya Ekadashi 2020: जया एकादशी को महान पुण्‍यदायी व्रत माना गया है. जया एकादशी पर भगवान विष्‍णु के विधि-विधान पूजन से हर मनोकामना पूर्ण होती है. Also Read - Jaya Ekadashi 2020: राजा हरिश्‍चंद्र ने कष्‍टों से मुक्ति को रखा था ये व्रत, पढ़ें जया एकादशी की पौराणिक व्रत कथा

शास्‍त्रों में इस व्रत को परम व्रतों में से एक माना गया है. इस दिन भगवान विष्‍णु का पूजन करते हुए नारायण स्तोत्र का पाठ अवश्‍य करना चाहिए. Also Read - Jaya Ekadashi 2020: जया एकादशी तिथि, भगवान कृष्‍ण ने बताया है महत्‍व, जानें व्रत विधि

श्री नारायण स्तोत्र भगवान विष्‍णु को अत्‍यंत प्रिय है. इसके जप से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. खास बात ये है कि ये स्तोत्र काफी सरल है, और कोई भी इसका जप कर सकता है. Also Read - Vrat Tyohar In February 2020: जया-विजया एकादशी, माघ पूर्णिमा, महाशिवरात्रि समेत फरवरी के संपूर्ण व्रत त्‍योहारों की List

श्री नारायण स्तोत्र

 

नारायण नारायण जय गोविंद हरे॥
नारायण नारायण जय गोपाल हरे॥

करुणापारावारा वरुणालयगम्भीरा॥
घननीरदसंकाशा कृतकलिकल्मषनाशा॥

यमुनातीरविहारा धृतकौस्तुभमणिहारा॥
पीताम्बरपरिधाना सुरकल्याणनिधाना॥

मंजुलगुंजाभूषा मायामानुषवेषा॥
राधाऽधरमधुरसिका रजनीकरकुलतिलका॥

मुरलीगानविनोदा वेदस्तुतभूपादा॥
बर्हिनिवर्हापीडा नटनाटकफणिक्रीडा॥

वारिजभूषाभरणा राजिवरुक्मिणिरमणा॥
जलरुहदलनिभनेत्रा जगदारम्भकसूत्रा॥

पातकरजनीसंहर करुणालय मामुद्धर॥
अधबकक्षयकंसारे केशव कृष्ण मुरारे॥

हाटकनिभपीताम्बर अभयं कुरु मे मावर॥
दशरथराजकुमारा दानवमदस्रंहारा॥

गोवर्धनगिरिरमणा गोपीमानसहरणा॥
शरयूतीरविहारासज्जनऋषिमन्दारा॥

विश्वामित्रमखत्रा विविधपरासुचरित्रा॥
ध्वजवज्रांकुशपादा धरणीसुतस्रहमोदा॥

जनकसुताप्रतिपाला जय जय संसृतिलीला॥
दशरथवाग्घृतिभारा दण्डकवनसंचारा॥

मुष्टिकचाणूरसंहारा मुनिमानसविहारा॥
वालिविनिग्रहशौर्या वरसुग्रीवहितार्या॥

मां मुरलीकर धीवर पालय पालय श्रीधर॥
जलनिधिबन्धनधीरा रावणकण्ठविदारा॥

ताटीमददलनाढ्या नटगुणविविधधनाढ्या॥
गौतमपत्नीपूजन करुणाघनावलोकन॥

स्रम्भ्रमसीताहारा साकेतपुरविहारा॥
अचलोद्घृतिञ्चत्कर भक्तानुग्रहतत्पर॥

नैगमगानविनोदा रक्षःसुतप्रह्लादा॥
भारतियतिवरशंकर नामामृतमखिलान्तर॥

जया एकादशी 2020

जया एकादशी इस साल 5 फरवरी, बुधवार को है. हिंदू धर्म में इस एकादशी व्रत को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक बार युधिष्ठिर ने भगवान श्री कृष्ण से इस एकादशी के महत्व के बारे में पूछा था. तब भगवान ने कहा था कि यह एकादशी, जया एकादशी कहलाती है. इसे बहुत ही पुण्यदायी और फलदायी माना गया है.

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