नई दिल्ली. झारखण्ड सरकार ने जम्मू-कश्मीर के वैष्णो देवी मंदिर और आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर की तर्ज पर झारखण्ड के रामगढ़ जिले में स्थित छिन्नमस्तिका मंदिर का विस्तार करने की योजना बनाई है. एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बीते दिनों एक समीक्षा बैठक के दौरान इस तरह का दिशा-निर्देश दिया. सीएम रघुवर दास ने जिला प्रशासन और अन्य सरकारी अधिकारियों से दक्षिणी राज्य में स्थित तिरुपति मंदिर की तरह भक्तों को दिन में दो बार एक तय दर पर स्वास्थ्यपरक भोजन उपलब्ध कराने की योजना को सुनिश्चित करने के लिए कहा है.

वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर श्रद्धालुओं को मिले सुविधा
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने निर्देश में कहा है कि झारखंड के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं को वह सारी सुविधाएं मिलनी चाहिए, जो उन्हें देश के अन्य प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में मिलती हैं. अपने परिवार के साथ बीते दिनों मंदिर के दर्शन करने गए दास ने अधिकारियों को यह भी बताया कि वैष्णो देवी मंदिर की तरह ही जिले के रजरप्पा क्षेत्र में स्थित इस मंदिर में भी एक सामानघर और कतार परिसर भी होना चाहिए. मुख्यमंत्री ने रामगढ़ प्रशासन के अधिकारियों को शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने का भी निर्देश दिया है. सीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि श्रद्धालुओं को यहां आने के बाद समुचित सुविधाएं मिले, यह तय होना चाहिए.

राज्य का प्रमुख तीर्थस्थल है छिन्नमस्तिका मंदिर
झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित छिन्नमस्तिका मंदिर राज्य के छह तीर्थस्थलों में से एक है. इस मंदिर के धार्मिक महात्म्य को देखते हुए देश के कई राज्यों के श्रद्धालु यहां नियमित तौर पर पहुंचते हैं. इस स्थल को शक्तिपीठ के रूप में जाना जाता है. राज्य की भाजपा सरकार ने झारखंड के इन छह तीर्थस्थलों को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है. इसके तहत राज्य सरकार ने रजरप्पा परियोजना के लिए 200 करोड़ रुपए के अनुदान को भी हाल ही में अपनी मंजूरी दी है. सरकार की योजना है कि इन मंदिरों के जरिए राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए.

रांची के पास स्थित हुंडरू का प्रसिद्ध जलप्रपात.

रांची के पास स्थित हुंडरू का प्रसिद्ध जलप्रपात.

 

देवघर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक वैद्यनाथ मंदिर.

देवघर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक वैद्यनाथ मंदिर.

 

गिरिडीह जिले में स्थित पार्श्वनाथ मंदिर.

गिरिडीह जिले में स्थित पार्श्वनाथ मंदिर.

 

झारखंड की वादियां खूब लुभाती हैं पर्यटकों को
झारखंड सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक दृष्टि से भी काफी समृद्ध राज्य है. इस लिहाज से यहां ऐसे कई रमणीक स्थान हैं जो पर्यटन की दृष्टि से देश और विदेश के टूरिस्टों का ध्यान खींचते हैं. धार्मिक दृष्टि से व्यापक महत्व का स्थान देवघर हो या हुंडरू और दशम जैसे प्राकृतिक झरनों के लिए प्रसिद्ध रांची, झारखंड में पर्यटकों के लिए भरपूर सामग्री है. आप नेतरहाट की वादियों में उगते और डूबते सूरज का साक्षात्कार कर सकते हैं तो पलामू के जंगलों में वाइल्ड-सफारी का आनंद ले सकते हैं. सारंडा के घने जंगलों के बीच छुट्टियां बिता सकते हैं तो प्राकृतिक पर्यावास के लिए रांची के पास स्थित एंग्लो-इंडियंस के शहर के रूप में मशहूर मैकलुस्कीगंज को चुन सकते हैं. कुल मिलाकर झारखंड पर्यटन की दृष्टि से आपको कहीं से भी निराश नहीं करेगा.

(इनपुट – एजेंसी)