Jivitputrika Vrat 2019: जितिया व्रत को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है. ये इसकी तिथि को लेकर है. कुछ जानकार कह रहे हैं कि जितिया व्रत 21 सितंबर को है तो कुछ का कहना है कि 22 सितंबर को.

बच्‍चों की लंबी उम्र की कामना के लिए रखा जाने वाला ये व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है.

कब होता है ये व्रत
हर साल आश्विन मास की अष्टमी को ये निर्जला व्रत होता है. वैसे व्रत तीन दिनों का होता है. सप्तमी का दिन नहाय खाय के रूप में मनाया जाता है, अष्टमी को निर्जला उपवास रखते हैं, फिर नवमी के दिन व्रत का पारण किया जाता है.

Jitiya Vrat 2019: जीवित्पुत्रिका व्रत नहाय खाय, निर्जला व्रत, पारण तिथि, तीनों दिन की व्रत विधि…

क्‍यों है असमंजस
एक मत चन्द्रोदयव्यापिनी अष्टमी का पक्षधर है तो दूसरा सूर्योदयव्यापिनी अष्टमी का. इस बार 21 सितम्बर शनिवार को अष्टमी अपराह्न 3.43 से प्रारम्भ हो जाएगी और 22 सितम्बर, रविवार को अपराह्न 2.49 तक रहेगी.

कब रखें व्रत
प्रदोष काल व्यापिनी अष्टमी को जीमूतवाहन का पूजन होता है. इस व्रत के लिए आवश्यक है कि पूर्वाह्न काल में पारण हेतु नवमी तिथि प्राप्त हो. इस वर्ष अष्टमी 22 सितंबर, रविवार को दिन में 2:10 तक है, इसीलिए पूर्व दिन सप्तमी को प्रदोष व्यापिनी अष्टमी में व्रत करने पर पारण करने के लिए दूसरे दिन पूर्वाह्न में नवमी प्राप्त नहीं हो रही है.

इसलिए उदया अष्टमी रविवार को उपवास पूर्वक प्रदोष काल में ही जीमूतवाहन की पूजा करके नवमी में सोमवार को प्रात: पारण करना चाहिए. इस वर्ष 22 सितंबर को जीवित्पुत्रिका का उपवास तथा प्रदोष काल में (शाम 4:28 से रात्रि 7:32 तक) पूजन होगा. दिनांक 23 सितंबर सोमवार को व्रत का पारण होगा.

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