Jivitputrika Vrat 2019: जितिया व्रत बच्‍चों की लंबी उम्र की कामना के साथ रखा जाता है. ये सबसे कठिन व्रतों में से एक है. इसे भी महापर्व छठ की तरह तीन दिन तक किया जाता है.

2019 में जिवित्पुत्रिका व्रत तिथि
आश्विन मास की अष्टमी को ये निर्जला व्रत होता है. उत्सव तीन दिनों का होता है. सप्तमी का दिन नहाय खाय के रूप में मनाया जाता है, अष्टमी को निर्जला उपवास रखते हैं, फिर नवमी के दिन व्रत का पारण किया जाता है.

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Jivitputrika Vrat 2019 Dates

नहाय खाय- सप्‍तमी, 21 सितंबर, शनिवार

निर्जला व्रत- अष्‍टमी, 22 सितंबर, रविवार

पारण- 23 सितंबर, सोमवार

नहाय खाय विधि-
सप्तमी के दिन नहाय खाय का नियम होता है. बिल्कुल छठ की तरह ही जिउतिया में नहाय खाय होता है. इस दिन महिलाएं सुबह-सुबह उठकर गंगा स्नान करती हैं और पूजा करती हैं. अगर आपके आसपास गंगा नहीं हैं तो आप सामान्य स्नान कर भी पूजा का संकल्प ले सकती हैं. नहाय खाय के दिन सिर्फ एक बार ही भोजन करना होता है. इस दिन सात्विक भोजन किया जाता है.
नहाय खाय की रात को छत पर जाकर चारों दिशाओं में कुछ खाना रख दिया जाता है. ऐसी मान्यता है कि यह खाना चील व सियारिन के लिए रखा जाता है.

व्रत का दूसरा दिन- निर्जला व्रत
व्रत के दूसरे दिन को खुर जितिया कहा जाता है. इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और अगले दिन पारण तक कुछ भी ग्रहण नहीं करतीं.

तीसरा दिन- पारण का दिन
व्रत तीसरे और आखिरी दिन पारण किया जाता है. जितिया के पारण के नियम भी अलग-अलग जगहों पर भिन्न हैं. कुछ क्षेत्रों में इस दिन नोनी का साग, मड़ुआ की रोटी आदि खाई जाती है.

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