नई दिल्ली: कल यानी गुरुवार को जितिया व्रत रखा जाएगा. जीवित्पुत्रिका व्रत या जितिया व्रत अश्विनी मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को रखा जाता है. इस साल यह 10 सितंबर दिन गुरुवार को है. जीवित्पुत्रिका व्रत को जितिया या जिउतिया व्रत आदि नामों से जाना जाता है. इस दिन माताएं विशेषकर पुत्रों ​के दीर्घ, आरोग्य और सुखमय जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं. पति के लिए जिस प्रकार महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं उसी प्रकार पुत्र के लिए भी जीवित्पुत्रिका व्रत निर्जला रहा जाता है. Also Read - Jitiya Vrat Pujan Vidhi: जितिया की संपूर्ण पूजन विधि, 16 की मात्रा में अर्पित करें ये चीजें, वंश वृद्धि को ऐसे करें पूजन

जीवित्पुत्रिका व्रत पारण का समय
09 सितंबर दिन बुधवार को दोपहर 01 बजकर 35 मिनट से हो रहा है, जो 10 सितंबर दिन गुरुवार को दोपहर 03 बजकर 04 मिनट तक है. व्रत का समय उदया तिथि में मान्य होगा, ऐसे में जीवित्पुत्रिका व्रत 10 सिंतबर को होगा. जीवित्पुत्रिका व्रत रखने वाली माताएं 11 सितंबर दिन शुक्रवार के सुबह सूर्योदय के बाद से दोपहर 12 बजे तक पारण करेंगी. उनको दोपहर से पूर्व पारण कर लेना चाहिए. Also Read - Jivitputrika Vrat Katha: जितिया की पौराणिक व्रत कथा, पढ़ेंगी तो मिलेगा संतान को लंबी आयु का वरदान...

जीवित्पुत्रिका व्रत रखते समय ध्यान रखे ये बातें Also Read - Jivitputrika Vrat 2020: मिथिला पंचांग के अनुसार इस दिन जितिया व्रत का नहाय-खाय, तीनों दिन की व्रत विधि

आपको बता दें कि जीवित्पुत्रिका व्रत तीन दिन के लिए रखा जाता है. इसमें पहला दिन नहाए खाए, दूसरा दिन जितिया निर्जला व्रत और तीसरा दिन पारण किया जाता है. ऐसे में पहले दिन नहाए खाए मनाते समय कुछ बातों का ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है आइए जानते हैं –

– नहाए खाए के दिन सूर्यास्त के बात व्र्त रखने वाली महिला को कुछ नहीं खाना चाहिए. वरना इसके बुरे प्रभाव भी झेलने पड़ सकते हैं.

– नहाए खाए के दिन व्रती और परिवारजनों को लहसुन -प्याज नहीं खाना चाहिए. इस दिन ऐसा खाना ना तो पकाएं और ना ही खाएं.

– इस दिन बाल नहीं काटने चाहिए और ना ही नाखून काटने चाहिए. इस व्रत के दौरान अशुद्ध कार्यों से परहेज करें.

– इस दिन घर में मांस और मदतिरा का सेवन नहीं किया जाना चाहिए. ऐसे करेने से देवी-देवता नाराज होते हैं. इससे आपकी संतान को कष्ट झेलना पड़ सकता है.

– इस दिन झूठ बोलने और किसी व्यक्ति के साथ बुरा व्यवहार करने से बचें. इस दिन किसी व्यक्ति को अपशब्द बोलने से भी बचना चाहिए.