July 2021 Vrat-Tyohar List In Hindi: जुलाई का महीना शुरू होने में कुछ ही दिन बाकी हैं. ऐसे में जुलाई माह में कई खास व्रत और त्योहार आएंगे. हिंदू पंचांग के मुताबिक, जुलाई 2021 में आषाढ़ माह में मनाए जाने वाले कुछ प्रमुख व्रत और त्योहार जैसे योगिनी एकादशी, प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि, देवशयनी एकादशी, आषाढ़ पूर्णिमा और संकष्टी चतुर्थी पड़ेंगे. इन व्रत-त्‍योहारों की पूरी लिस्‍ट हम यहां दे रहे हैं. इसे आप अपने पास सुरक्षित रख सकते हैं.Also Read - Vrat Tyohar List In October 2021: जानें कब से शुरू हो रहे हैं नवरात्रि, इस दिन रखा जाएगा करवा चौथ का व्रत, ये हैं अक्टूबर के व्रत-त्‍योहार

01 जुलाई 2021: कालाष्टमी- इस दिन भैरव बाबा के लिए कालाष्टमी व्रत रखा जाता है. हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रति माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत रखा जाता है. Also Read - June 2021 Vrat-Tyohar Full List: वट सावित्री व्रत, ज्येष्ठ पूर्णिमा, सूर्यग्रहण, गंगा दशहरा समेत ये हैं जून में आने वाले व्रत-त्योहारों की संपूर्ण लिस्ट

05 जुलाई 2021: योगिनी एकादशी- हिन्दू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को योगिनी एकादशी व्रत रखा जाता है. हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार, एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. Also Read - Vrat Tyohar In December 2020: कालभैरव जयंती, उत्पन्ना एकादशी, क्रिसमस, सूर्य ग्रहण, मोक्षदा एकादशी समेत ये हैं दिसंबर के व्रत त्योहार

07 जुलाई 2021: प्रदोष व्रत- हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.

08 जुलाई 2021: मासिक शिवरात्रि- हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का तो महत्व माना ही जाता है लेकिन हर माह पड़ने वाली शिवरात्रि भी बहुत महत्व रखती है.

09 जुलाई 2021: आषाढ़ अमावस्या- अमावस्या तिथि का खास महत्व होता है. इस दिन को पितरों की याद में पूजा, जप-तप और दान दिया जाता है.

11 जुलाई 2021: आषाढ़ शुक्ल पक्ष तथा गुप्त नवरात्रि प्रारंभ तिथि- गुप्त नवरात्रि 11 जुलाई 2021 से प्रारंभ हो रही है जिसका समापन 18 जुलाई 2021 को होगा. इस पर्व में मां शक्ति की आराधना विधि-विधान से की जाती है.

12 जुलाई, सोमवार: जगन्नाथ रथ यात्रा- विश्व प्रसिद्ध उड़ीसा के पुरी का भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आषाढ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया से निकाली जाती है.

13 जुलाई 2021: विनायक चतुर्थी- हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है.

15 जुलाई 2021: स्कंद षष्ठी- हिन्दू पंचांग के अनुसार, स्कंद षष्ठी व्रत हर महीने शुक्ल पक्ष की षष्ठी के दिन रखा जाता है. यह व्रत भगवान कार्तिकेय के लिए रखा जाता है.

16 जुलाई 2021: मां ताप्ती जयंती और कर्क संक्रांत‍ि- इस दिन भगवान सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य देव के गोचर को संकांति कहा जाता है और जिस भी राशि में सूर्य देव प्रवेश करते हैं उस राशि के नाम से वह संक्रांति जानी जाती है.

20 जुलाई 2021: देवशयनी एकादशी, ईद-उल-अजहा- बकरीद को ईद-उल-अजहा, ईद-उल-जुहा, बकरा ईद, के नाम से जाना जाता है. इसी दिन देवशयनी एकादशी भी है. इस दौरान चार महीनों तक समस्त प्रकार के मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है.

21 जुलाई 2021: प्रदोष व्रत- प्रदोष व्रत भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए रखा जाता है. यह व्रत प्रति माह में दो बार त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है.

24 जुलाई 2021: गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा- इस साल यह तिथि 24 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया जाएगा. आषाढ़ पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान और गरीबों में दान-पुण्य करने का महत्व है.

26 जुलाई 2021: श्रावण मास का पहला सोमवार- यह भगवान शिव का प्रिय माह है. श्रावण में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. इसलिए धार्मिक दृष्टि से सावन महीने का विशेष महत्व है.

27 जुलाई 2021: संकष्टी चतुर्थी- संकष्टी चतुर्थी से आशय संकट को रहने वाली चतुर्थी तिथि से है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि संकष्टी के दिन गणपति की पूजा-आराधना करने से समस्त प्रकार की बाधाएं दूर हो जाती हैं.

30 जुलाई 2021: शीतला सप्तमी व्रत- इस दिन शीतला माता का पूजन बासी और ठन्डे व्यंजनों का भोग लगाने के बाद घर के सभी सदस्य सिर्फ ठन्डे व्यंजन ही खाते हैं. शीतला माता का मंदिर वटवृक्ष के समीप ही होता है. इसलिए शीतला माता के पूजन के बाद वट की पूजा भी की जाती है.

31 जुलाई 2021: कालाष्टमी-  सावन माह में कालाष्टमी व्रत 31 जुलाई को रखा जाएगा. इस दिन भैरव बाबा के लिए कालाष्टमी व्रत रखा जाता है. हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रति माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत रखा जाता है.