June 2021 Vrat-Tyohar Full List: मई का महीना खत्म होने में केवल एक ही दिन बचा है. साथ ही जून का महीना शुरू होने वाला है. जून के महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आएंगे. इन व्रत-त्‍योहारों की पूरी लिस्‍ट हम यहां दे रहे हैं. इसे आप अपने पास सुरक्षित रख सकते हैं.Also Read - शनि जंयती 2022: इन नियमों से करें शनि मंत्रों का जाप, शनिदेव होंगे जल्दी प्रसन्न

02 जून: कालाष्टमी- हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रति माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत रखा जाता है. Also Read - वट सावित्री व्रत 2022: आखिर दो दिन क्यों मनाते हैं ये वट सावित्री व्रत? जानें शुभ मुहूर्त

06 जून: अपरा एकादशी- हिन्दू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अपरा एकादशी अथवा अचला एकादशी के नाम से जाना जाता है. Also Read - वट सावित्री व्रत 2022: इस दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद होगा प्राप्त

07 जून: सोम प्रदोष व्रत- प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है. धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.

08 जून: मासिक शिवरात्रि- हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है.

10 जून: सूर्यग्रहण, वट सावित्री व्रत, शनि जयंती- साल 2021 का पहला सूर्यग्रहण इस दिन लगेगा. यह सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा. साथ ही इसी दिन वट सावित्री का व्रत भी रखा जाएगा. यह व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं. इसी दिन शनि जयंती भी है. इस दिन शनिदेव की विशेष पूजा की जाती है.

14 जून: विनायक चतुर्थी- हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है.

19 जून, महेश नवमी- ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को महेश नवमी पर्व मनाया जाता है.

20 जून, गंगा दशहरा- ज्येष्ठ माह की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है. इस दिन गंगा स्नान और दान का काफी महत्व होता है.

21 जून, निर्जला एकादशी- ज्येष्ठ मास में शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी और भीमसेनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है. इस एकादशी व्रत में पानी पीना वर्जित माना जाता है इसलिए इस एकादशी को निर्जला कहते है.

21 जून, गायत्री जयंती- ज्येष्ठ मास में शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी और भीमसेनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है. इस एकादशी व्रत में पानी पीना वर्जित माना जाता है इसलिए इस एकादशी को निर्जला कहते है.

22 जून, भौम प्रदोष- हिन्दू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है.

24 जून, ज्येष्ठ पूर्णिमा- धार्मिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन स्नान और दान-धर्म करने का विधान है. इस दिन गंगा में स्नान करने से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.