नई दिल्ली: दिसंबर माह की 7 तारीख को काल भैरव जयंती है. भगवान काल भैरव का जन्म मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर हुआ था. इसलिए हर साल मार्गशीर्ष माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को काल भैरव जयंती मनायी जाती है. काल भैरव जंयती के दिन भगवान भैरव की विधिनुसार पूजा करने का विधान है. ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे विशेष उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें करने से आपको भारव भगवान का आशीर्वाद मिल सकता है. आइए जानते हैं- Also Read - Kaal Bhairav Jayanti 2020: जानें आखिर क्यों भगवान भैरव ने काट दिया था ब्रह्मा जी का सिर, ये है पौराणिक कथा

– काल भैरव जयंती के दिन भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए. कालाष्टमी के दिन 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से ‘ॐ नम: शिवाय’ लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं. Also Read - Kaal Bhairav Jayanti 2020 Date: इस दिन मनाई जाएगी काल भैरव जयंती, जानें कैसे हुई थी इनकी उत्पत्ति

– भगवान भैरव को प्रसन्न करने के लिए काले कुत्ते को मीठी रोटी खिलाएं. यदि काला कुत्ता उपलब्ध न हो तो किसी भी कुत्ते को खिला सकते हैं.

– भैरव देव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए प्रत्येक गुरुवार के दिन कुत्ते को गुड़ खिलाना चाहिए.

– भैरव देव की कृपा पाने के लिए रेलवे स्टेशन पर जाकर किसी कोढ़ी, भिखारी को कंबल दान करें.

– बुधवार के दिन सवा किलो जलेबी भैरव नाथ को चढ़ाएं और कुत्तों को खिलाएं. यह उपाय करने से आपके सारे कष्ट दूर हो जाएंगे.

– शनिवार के दिन कड़वे तेल में पापड़, पकौड़े, पुए जैसे विविध पकवान तलें और रविवार को गरीब बस्ती में जाकर बांटे.