Kab Hai Nag Panchami 2021:  सावन माह की शुक्ल पक्ष पञ्चमी को नाग पञ्चमी के रूप में मनाया जाता है. सामान्यतः नाग पञ्चमी का पर्व हरियाली तीज के दो दिवस पश्चात् आता है. वर्तमान में नाग पञ्चमी अंग्रेजी कैलेण्डर में जुलाई अथवा अगस्त माह में आती है. इस पावन पर्व पर, स्त्रियाँ नाग देवता की पूजा करती हैं तथा सर्पों को दुध अर्पित करती हैं. इस दिन स्त्रियाँ अपने भाइयों तथा परिवार की सुरक्षा के लिये प्रार्थना भी करती हैं. श्रावण माह की पञ्चमी तिथि को नाग देवताओं के पूजन के लिये अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है. नाग पञ्चमी महत्वपूर्ण दिनों में से एक है तथा यह पर्व श्रावण मास की शुक्ल पक्ष पञ्चमी को मनाया जाता है. यह माना जाता है कि, सर्पों को अर्पित किया जाने वाला कोई भी पूजन, नाग देवताओं के समक्ष पहुँच जाता है. इसलिये लोग इस अवसर पर, नाग देवताओं के प्रतिनिधि के रूप में जीवित सर्पों की पूजा करते हैं. सर्पों को हिन्दु धर्म में पूजनीय माना गया है.Also Read - Nag Panchami 2021 Ke Upay: नाग पंचमी के दिन अपनाएं ये उपाय, हमेशा आपसे दूर रहेंगे सांप

नाग पञ्चमी पूजा समय (Nag Panchami 2021 Puja Timings)

नाग पञ्चमी शुक्रवार, अगस्त 13, 2021 को
नाग पञ्चमी पूजा मूहूर्त – 05:49 ए एम से 08:28 ए एम
पञ्चमी तिथि प्रारम्भ – अगस्त 12, 2021 को 03:24 पी एम बजे
पञ्चमी तिथि समाप्त – अगस्त 13, 2021 को 01:42 पी एम बजे Also Read - Nag Panchami 2021: नाग पंचमी के दिन इन चीजों से करें भगवान शिव का रुद्राभिषेक, पूरी होगी हर मनोकामना

नाग पञ्चमी पूजा मन्त्र (Nag Panchami Puja Mantra)

सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले.
ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः॥
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः.
ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नमः॥ Also Read - Nag Panchami 2021 Shubh Yog: इस बार नाग पंचमी पर 108 साल बाद बनने जा रहा है दुर्लभ संयोग, मिलेगा विशेष फल

मन्त्र अर्थ – इस संसार में, आकाश, स्वर्ग, झीलें, कुएँ, तालाब तथा सूर्य-किरणों में निवास करने वाले सर्प, हमें आशीर्वाद दें तथा हम सभी आपको बारम्बार नमन करते हैं.

अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्.
शङ्ख पालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा॥
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्.
सायङ्काले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः.
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्॥

मन्त्र अर्थ – नौ नाग देवताओं के नाम अनन्त, वासुकी, शेष, पद्मनाभ, कम्बल, शङ्खपाल, धृतराष्ट्र, तक्षक तथा कालिया हैं. यदि प्रतिदिन प्रातःकाल नियमित रूप से इनका जप किया जाता है, तो नाग देवता आपको समस्त पापों से सुरक्षित रखेंगे तथा आपको जीवन में विजयी बनायेंगे.