Kajari Teej 2019 का त्‍योहार हर साल हर्षोल्‍लास के साथ मनाया जाता है. महिलाएं इस तीज के लिए कई दिन पहले से तैयारियां करती हैं. खासतौर पर उत्तर भारतीय राज्यों, विशेषकर राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में इसे मनाया जाता है.

कब होती है कजरी तीज
आमतौर पर यह रक्षा बंधन के तीन दिन बाद और कृष्ण जन्माष्टमी से पांच दिन पहले मनाई जाती है. उत्तर भारतीय कैलेंडर के अनुसार, कजरी तीज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष के दौरान आती है.

कजरी तीज 2019 तिथि
इस बार कजरी तीज 18 अगस्त 2019, रविवार को है.

कजरी तीज का महत्व
साल में चार तीज मनाई जाती है. अखा तीज, हरियाली तीज, कजरी तीज, हरतालिका तीज. अन्य तीज व्रत की तरह ही कजरी तीज भी सुहाग की रक्षा और वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि बनाए रखने के लिए की जाती है. सुहागिनें जहां अपने पति की लंबी आयु के लिए यह व्रत रखती हैं, वहीं अविवाहित लड़कियां अच्छा वर प्राप्त करने के लिए यह व्रत करती हैं.

कैसे करें पूजन
कजरी तीज के अवसर पर नीमड़ी माता की पूजा की जाती है. पूजन से पहले मिट्टी व गोबर से दीवार के सहारे एक तालाब जैसी आकृति बनाई जाती है. उसके पास नीम की टहनी को रोप देते हैं. तालाब में कच्चा दूध और जल डालते हैं. किनारे पर एक दीया जलाकर रखते हैं. थाली में नींबू, ककड़ी, केला, सेब, सत्तू, रोली, मौली, अक्षत आदि रखे जाते हैं. शाम के समय श्रृंगार के बाद नीमड़ी माता की पूजा की जाती है.